रैपिड ग्लोबल स्कूल बिधूना में आयोजित किया गया मेधावी छात्रों का सम्मान समारोह

एजुकेटिव डायरेक्टर अनुपम प्रताप सिंह भदौरिया, दीप्ति कमल राठौर और प्रधानाचार्य प्रशांत दीक्षित ने दीप प्रज्वलित कर किया समारोह का शुभारंभ

करंट विज़न संवाददाता
बिधूना : ( डॉ अलका चौहान )

रैपिड ग्लोबल स्कूल में मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय के एक्जू0 डायरेक्टर श्री अनुपम प्रताप सिंह भदौरिया, एजू0 डायरेक्टर श्रीमती दीप्ति कमल राठौऱ एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रशांत दीक्षित के द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। प्रधानाचार्य श्री प्रशांत दीक्षित तथा अध्यापकगणों ने अभिवाभकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कक्षा-3 से कक्षा-7 तक के मेधावी छात्रों को स्मृति चिह्न तथा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कक्षा- 3 में काव्या 97.67 प्रतिशत (प्रथम), वर्तिका गुप्ता 97.54 प्रतिशत (द्वितीय), , एलिजा सेंगर 97.50प्रतिशत (तृतीय), कक्षा- 4 में चिन्मय वर्मा 97.92प्रतिशत (प्रथम), उत्कर्ष चैहान 97.50 (द्वितीय), रामजी 97.42प्रतिशत (तृतीय), कक्षा- 5 में अध्यन पाण्डेय 99.21प्रतिशत (प्रथम), अविका सिंह 98.86प्रतिशत (द्वितीय), आराध्या 98.79प्रतिशत (तृतीय), कक्षा- 6 में अहान 98.36प्रतिशत (प्रथम), शौर्य शाक्य, आकर्षणा गुप्ता 98.21प्रतिशत (द्वितीय), नव्या 96.93प्रतिशत (तृतीय), कक्षा-7 में आकाश कुमार तिवारी 99.14प्रतिशत (प्रथम), अक्षिता द्विवेदी 97.09प्रतिशत (द्वितीय), अनुष्का 96.64प्रतिशत (तृतीय) स्थान प्राप्त किया। तथा 42 विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों में शतप्रतिशत अंक प्राप्त किए।इस अवसर पर विद्यालय के एक्जू0 डायरेक्टर श्री अनुपम प्रताप सिंह भदौरिया ने रैपिड ग्लोबल स्कूल के सभी विद्यार्थियों का  उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चों के बौद्धिक विकास की मजबूती कराना ही विद्यालय का लक्ष्य है। एजू0 डायरेक्टर श्रीमती दीप्ति कमल राठौर ने विद्यार्थियों को बताया कि अपनी काबिलियत को पहचान कर बेहतर इंसान बनने और प्रतिस्पर्धा में स्वयं को निरंतर बनाए रखना ही आपका परम लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने अध्यापकगणों को भी बधाई दी। अन्त में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रशांत दीक्षित ने सभी अभिभावको से कहा कि किताबी शिक्षा के साथ व्यावहारिक शिक्षा का भी महत्व है जो कि अभिभावक द्वारा ही प्राप्त होती है और साथ ही नई शिक्षा नीति के तहत विद्यालय में किए जाने वाले बदलावों की जानकारी दी। यह भी कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखा जाए यदि दिया भी जाए तो यह ध्यान रहे कि वह उनकी निगरानी में ही रहे। अपने बच्चों के सकरात्मक सोच को बढ़ाया जाए जो उनके जीवन की सफलता का महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने अभिभावकों, छात्रों तथा अध्यापकगणों का आभार व्यक्त किया।

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