समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद में 10 एमआरएफ सेंटर निर्मित हैं, जिनमें से 8 संचालित तथा 2 अभी संचालित नहीं हैं
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में स्थानीय निकायों से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में एमआरएफ सेंटरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य, उनकी क्षमता एवं जनसंख्या के अनुरूप आवश्यकता की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां कूड़े का अधिक संग्रहण हो रहा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर एमआरएफ सेंटर स्थापित किए जाएं। समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद में 10 एमआरएफ सेंटर निर्मित हैं, जिनमें से 8 संचालित तथा 2 अभी संचालित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी एसटीपी पूर्ण रूप से क्रियाशील रहें। जसवंतनगर, भरथना एवं इकदिल में एसटीपी की क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में अपेक्षित परिवर्तन केवल औपचारिक प्रयासों से नहीं आएगा, बल्कि इसके लिए भागीरथ प्रयास करने होंगे। डीएम ने नगर निकायों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कूड़ा एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक निस्तारण एमआरएफ सेंटरों पर किया जाए। किसी भी स्थिति में कूड़ा रास्ते में गिराते हुए अथवा यमुना नदी में डंप करने जैसी प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं होगी। जिलाधिकारी ने नगर निकायों को निर्देशित किया कि जहां भी अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप किया जा रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से मैरिज होम एवं अन्य संस्थानों द्वारा खुले में कूड़ा फेंके जाने की शिकायतों पर संबंधितों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा कूड़ा उठाने की लागत की वसूली भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सन्तोष कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद जसवन्तनगर श्याम वचन सरोज सहित संबंधित विभाग अधिकारीगण उपस्थिति रहे। बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल।
