शहीदाने कर्बला की याद में हुआ मजलिसों का आयोजन
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। शहीदाने कर्बला की याद में इमाम बारगाह घटिया अज़मत अली पर अमीर हैदर, अदनान जाफरी व सोजख़्वान तसलीम रज़ा और दरगाह हज़रत अब्बास महेरे पर मुशीर हैदर व जीशान हैदर की ओर से मजलिसों का आयोजन किया गया। मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना सैयद गुलज़ार हैदर रिज़वी छोलस ने तक़रीर में कहा कि अल्लाह ने पहले हादी भेजा फिर हिदायत पाने वालों को भेजा। रसूल ने अल्लाह की हिदायत को लोगों तक पहुंचाया। अब जो हिदायत के साथ जाएगा वह फायदे में रहेगा। अल्लाह ने कहा मोहम्मद कुछ नहीं है सिवा मेरे रसूल के। रसूल फातिमा ज़हरा के सम्मान में खड़े हो तो रिसालत ने अंजाम दिया और रसूल अली से मदद मांगे तो रिसालत ने मदद मांगी। रसूल के बाद इंसान फिर गुमराही की तरफ न लौट जाए इसलिए अल्लाह ने इमामत का सिलसिला शुरू किया को कयामत तक रहेगा। उन्नाव से आये मौलाना तज़मीन जाफरी ने अपनी तक़रीर में कहा अल्लाह ने रसूल और एहलेबैत की मोहब्बत में सूरज, चांद, सितारे, जमीन, आसमान सहित पूरी कायनात को पैदा किया अगर ये न होते तो कायनात में कुछ नहीं होता। हमे नमाज, रोजा, हज इन्हीं से मिली जो इनसे मिला वो खुदा से मिला, जो इनसे जुदा हुआ वो खुदा से जुदा हुआ। जिसके सम्मान में तमाम नबी खड़े हो जाएं उसे मोहम्मद कहते हैं और मोहम्मद के सम्मान में खड़े हो जाएं उसे फातिमा ज़हरा कहते हैं। इमाम हुसैन ने कर्बला में नाना के मिशन पर चलकर पूरे घराने को कुर्बान कर दीन और इंसानियत को बचा लिया। समाजसेवी शावेज़ नक़वी ने बताया कि दरगाह हज़रत अब्बास महेरे पर आयोजित मजलिस में मौलाना अनवारुल हसम ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने तक़रीर की। मजलिसों में तसलीम रज़ा, सलीम रज़ा, सफीर हैदर, जहूर नक़वी ने सोजख्वानी और तसलीम रज़ा, तनवीर हसन ने नोहा ख्वानी की। मजलिस में तक़रीर करते मौलाना तज़मीन जाफरी उन्नाव।
