लखनऊ में अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से की मुलाकात, गौ संरक्षण पर हुई अहम चर्चा

 

करंट विज़न संवाददाता

इमरान खान

19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज प्रातः लखनऊ में ज्योतिषपीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य पूज्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान गौ संरक्षण, सनातन परंपराओं, सामाजिक सरोकारों तथा समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विदित हो कि पूज्य शंकराचार्य जी इन दिनों उत्तर प्रदेश में गौ संरक्षण, गौवंश के सम्मान एवं सनातन मूल्यों के प्रति जनजागरण हेतु संचालित अपनी ‘गविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा’ के क्रम में विभिन्न जनपदों का भ्रमण कर रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य गौ संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना, गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा समाज में व्यापक जागरूकता उत्पन्न करना है।
लखनऊ प्रवास के दौरान श्री अखिलेश यादव ने उनसे भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गौ संरक्षण, सनातन परंपराओं और अन्य समसामयिक विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श किया।
मीडिया से बातचीत में श्री अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य जी गौ माता की स्थिति को लेकर अत्यंत चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिस पर गंभीरता से कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
श्री यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके लिए धर्म नहीं बल्कि धन और वोट प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने राजनीतिक हितों के अनुसार धार्मिक मुद्दों पर अपना रुख बदलती रहती है।
राम मंदिर प्रकरण पर उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक बदलाव नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था में सुधार आवश्यक है, क्योंकि इस घटनाक्रम से सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्षता पर प्रश्न उठ रहे हैं और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, जिससे जनता का विश्वास बना रहे।
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए श्री अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं बढ़ी हैं। किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है और उनकी उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने एथेनॉल में मिलावट के मुद्दे को भ्रष्टाचार का नया रूप बताया।
अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की जनता आगामी चुनाव में इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगी।

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