अंजुमन हैदरी की ओर से हुआ शब्वेदारी का आयोजन
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। चौथे इमाम हज़रत जैनुल आबेदीन की शहादत पर अंजुमन हैदरी कमेटी के तत्वावधान में सालाना मजलिस, शब्वेदारी का आयोजन पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में हुआ जिसमे शिया युवकों ने दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर मातम किया। मजलिस में मौलाना सज्जाद हुसैन बिहार ने अपनी तकरीर में चौथे इमाम बीमारे कर्बला हज़रत जैनुल आबेदीन की शहादत का दर्दनाक मंजर पेश किया। सोजख्वानी अहमद जाफर, सफीर हैदर, जहूर नक़वी, असद जाफर ने की और सलमान रिज़वी, आबिद रजा ने कलाम पेश किये। मजलिस के बाद मौला अब्बास के अलम की जियारत अंजुमन हैदरी ने बरामद की। अंजुमन हैदरी इटावा के अहमद जाफर, राहिल सगीर, अंजुमन जुल्फिकारे हैदरी खाता सादात बरेली के नोहा ख्वान अमजद अली अमजद, अंजुमन हुसैनिया हैदरपुर कानपुर देहात के नोहखवान हसन रज़ा बब्लू, अंजुमने हुसैनिया फर्रुखाबाद के नोहखवान जावेद हैदर ने नसीर हैदर, तहसीन हैदर, रीनू के साथ रात भर मातमी नोहाख्वानी की। शबबेदारी के दौरान शिया नययुवकों और बच्चों ने दहकते अंगारों पर उस समय तक मातम किया जब तक अंगारे राख नहीं हो गए। आग का मातम देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सैफू और श्यान हसन ने दहकते अंगारों पर सलामी दी। सालाना मजलिस व शबबेदारी के संचालन का दायित्व आरिफ हैदर लखनऊ ने निभाया। बाहरी जनपदों सहित स्थानीय लोगों के लिए अंजुमन हैदरी इटावा द्वारा भोजन व चाय की व्यवस्था की गई। अंजुमन हैदरी के संरक्षक राहत अक़ील, अध्यक्ष इंतिजार हुसैन नक़वी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शावेज़ नक़वी, सेकेट्री राहत हुसैन रिज़वी ने बाहरी जनपदों की अंजुमनों सहित कार्यक्रम में शामिल होने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया।
