रसूल अल्लाह और इमाम जाफ़र सादिक़ की पैदाइश पर हुई महफ़िल
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। रसूल अल्लाह और इमाम जाफ़र सादिक़ की पैदाइश के खुशनुमा मौके पर मौलाना अनवारुल हसन जैदी की ओर से पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में महफ़िल का आयोजन किया गया। महफ़िल में कलाम पेश करते हुए तसलीम रज़ा ऊधम ने कहा होते न मोहम्मद तो ये कुरान न होता, अल्लाह तेरा आखिरी फरमान न होता। सलीम रज़ा ने कहा नात सरकार की सुनने से, मिल गया मर्तबा जमाने से। जाफ़र ईरानी ने कहा वो नबियों में रहमत लक़ब पाने वाले, मोहम्मद हमारे बड़ी शान वाले। असद जाफ़र अलीगढ़ ने कहा पढ़े जो दुरूदो सलामे मोहम्मद, उसे बख्शवायेगा नामे मोहम्मद।तनवीर हसन ने कहा ऐ सबा मुस्तफा से कह देना गम के मारे सलाम कहते हैं, याद करते तुमको शाम ओ सहर बेसहारे सलाम कहते हैं। आरिफ हैदर जैदी लखनऊ ने कहा दो सादेकैन का आज जमीं पर नुजूल है, एक है इमाम दूसरा रब का रसूल है। मेहदी जैदी लखनऊ ने कहा होठों पे मेरे आले पयम्बर की बात है, कतरा हूं मैं लबों पे समंदर की बात है। राहिल सगीर ने कहा हैदर ने उखाड़ा था अकेले दरे खैबर, कर देते जान फिदा कहां थे। आबिद रज़ा ने कहा फिर क्यों न आज सारा जहां जगमगा उठे, पैदाइशे रसूल भी है और इमाम भी। सलमान रिज़वी ने कहा जिनके दिलों में उल्फ़ते रसूले खुदा नहीं, मोहम्मद को तो माना मोहम्मद की नहीं मानी। इसके अलावा यूसुफ, तालिब रिज़वी, अर्श अब्बास, वली अहमद, मो. इब्राहीम, अली परवेज ने भी कलाम पेश किये। मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा आज बहुत ही खुशी का दिन है, रसूल अल्लाह और इमाम जाफ़र सादिक़ की पैदायश का जश्न पूरी दुनिया मे मनाया जा रहा है। कुरान कह रहा है सच्चों के साथ हो जाओ। महफ़िल में अल्हाज कमर अब्बास नकवी करबलाई, शावेज़ नक़वी, मुशीर हैदर, मो. मियां, आतिफ़ एड., शारिक सगीर शानू, मो. अब्बास, हसन अब्बास, सोनू नक़वी, शादाब हसन, मून हसन, जीशान हैदर, सैफू, साहिल जाफरी, हम्माद, फ़ातिक, वफ़ा, समर, तहसीन रज़ा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर रसूल अल्लाह और इमाम जाफ़र सादिक़ की पैदाइश का जश्न मनाया। महफ़िल में कलाम पेश करते मौलाना अनवारुल हसन जैदी।
