रसूल की ताकत तलवार नहीं किरदार है – मौलाना गुलाम हुसैन रिज़वी

नोजवानाने अली अकबर ने मजलिस में बरामद की जियारतें

करंट विज़न संवाददाता

इटावा। नोजवानाने अली अकबर इटावा की ओर से हर साल की तरह इस साल भी 7वीं मजलिस ए अज़ा का आयोजन बड़ा इमामबाड़ा पक्की सराये में मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा के संचालन में किया गया। मजलिस में जियारतें बरामद की गईं। मजलिस का शुभारंभ मौलाना अनवारुल हसन जैदी ने कुरान की तिलावत से किया। मजलिस में मुजफ्फरनगर से आये हसन अली ने मरसिया ख्वानी की। मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना गुलाम हुसैन रिज़वी ईरानी कल्चर हाउस दिल्ली ने कहा रसूल किरदार को बुलन्दी तक ले जाने के लिए आये। जहां झुकाव होता है वहां बुलनदी का रास्ता होता है। रसूल की ताकत तलवार नहीं किरदार है। जो पैगाम खुदा ने रसूल को दिया उसी पैगाम को लेकर इमाम हुसैन मदीना छोड़कर कर्बला आये। इमाम हुसैन ने अली अकबर को दुआओं में मांगा जब अल्लाह ने रसूल की शक्ल में इमाम हुसैन को अली अकबर जैसा बेटा दिया। इमाम हुसैन ने फरमाया कि जब हमें नाना की याद आती है तो हम अली अकबर को देख लेते हैं। कर्बला में जालिमों ने रसूल के हमशक्ल अली अकबर को बेरहमी से शहीद कर दिया। मजलिस में नोजवानाने अली अकबर द्वारा मस्ज़िद सराये शेख से ताबूत हज़रत अली अकबर, अलम मौला अब्बास, ज़ुलजना, झूला हज़रत अली असगर की जियारतें बरामद कर बड़े इमामबाड़े लाई गईं जिनकी सैकड़ों लोगों ने जियारत की। मजलिस में अख्तर अब्बास रिज़वी मोंटू ने पेशख्वानी, तनवीर हसन, राहिल सगीर, शाबिल हुसैन सैफू, जीशान हैदर ने नोहाख्वानी की। राहिल सगीर ने अलविदाई सदा पढ़ी। मजलिस में अदनान जाफरी, आतिफ़ एड., राहिल सगीर, जहीर अब्बास, सोनू नक़वी, शावेज़ नक़वी, मो. मियां, समर सगीर, शाबिल हुसैन सैफू, शानू, शब्बर अक़ील, शाद अली हसन, हम्माद, फ़ातिक, नुसरत हुसैन, वफ़ा, अहद, मेंहदी आदि का सराहनीय योगदान रहा।  मजलिस में तक़रीर करते मौलाना गुलाम हुसैन रिज़वी।

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