गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग लेकर जसवंतनगर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

करंट विज़न संवाददाता

इमरान खान

जसवंतनगर। ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को लेकर निकली अपनी यात्रा के दौरान शनिवार को जसवंतनगर पहुंचे। उनका काफिला मैनपुरी से होते हुए जसवंतनगर, सैफई और इटावा की ओर रवाना हुआ।

जसवंतनगर पहुंचने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विधायक प्रतिनिधि अजेंद्र गौर की अगुवाई में फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि हाजी शमीम, रघुवीर सिंह यादव पूर्ब नगरपालिका उपाध्यक्ष , सुभाष गुप्ता, राशिद सिद्दीकी, सभासद फारूक मियां सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने धर्म, गौसंरक्षण और समसामयिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। धर्म और संविधान के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके लिए धर्म सर्वोपरि है। गौमाता की रक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे अपने अंतःकरण की आवाज पर यह अभियान चला रहे हैं और इस विषय पर बोलना अपना कर्तव्य मानते हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगi आदित्यनाथ द्वारा उन्हें शंकराचार्य न मानने संबंधी टिप्पणी के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के मानने या न मानने से उनकी धार्मिक स्थिति में कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उन्हें यह दायित्व सनातन परंपरा से प्राप्त हुआ है।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति को ऐसी भाषा का प्रयोग करना चाहिए जिसे विद्वान समाज स्वीकार कर सके।

उन्होंने कहा कि गौमाता की रक्षा और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समर्थक मौजूद रहे।

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