रसूल अल्लाह और इमाम हसन की शबे शहादत पर हुई मजलिस

 मजलिस में तक़रीर करते मौलाना अनवारुल हसन जैदी

करंट विज़न संवाददाता

इटावा। रसूल अल्लाह और इमाम हसन की शबे शहादत पर साबितगंज स्थित स्व. मुहाफ़िज़ हुसैन की इमामबारगाह में मोहसिन की ओर से मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस का शुभारंभ सलीम रज़ा व जहूर नक़वी ने नोहा ख्वानी से किया। मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा रसूल अल्लाह दुनिया मे आये तो इमाम के साथ आये और इमाम के साथ ही दुनिया से गये। रसूल अल्लाह ने फरमाया की जो इंसान यतीमों से हमदर्दी रखेगा वो जन्नत में मेरे साथ रहेगा। मगर रसूल की उम्मत ने इमाम हसन को जहर देकर शहीद कर कासिम को यतीम किया, इमाम हुसैन को कर्बला में शहीद कर सकीना को यतीम कर दिया। इतना ही नही जालिमों ने कर्बला में यतीम जनाबे कासिम को तीन दिन की भूख प्यास में शहीद कर दिया और जनाबे यतीम सकीना पर बेपनाह जुल्म ढाए। उन्होंने कहा कि इमाम हसन को पहले जहर देकर शहीद कर दिया गया और फिर उनके जनाज़े पर तीरों की बारिश की गई। रसूल अल्लाह के बाद जालिमों ने उनकी बेटी फातिमा ज़हरा पर जुल्म ढाए और उनके घर मे आग लगा दी। मजलिस में तनवीर हसन और राहिल सगीर ने नोहखवानी की। मजलिस में नजमुल हसन, शावेज़ नक़वी, मुशीर हैदर, अमीर हैदर जाफरी, सफीर हैदर, हसन अब्बास, तहसीन रज़ा, शाबिल हुसैन सैफू, शालू, शौजब रिज़वी, कैफ़ी, जीशान रॉक, आतिफ़ एड., समर, शब्बर अक़ील, अदनान फ़ातिक, वफ़ा, राहिल, आरिफ रिज़वी, सलमान रिजवी, कलीम वारसी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

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