
करंट विज़न संवाददाता
इमरान खान
जसवंतनगर। नगला महासुख निवासी पूजा पत्नी संजीव कुमार ने शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। महिला ने आरोप लगाया कि 18 मार्च 2026 को वायरल बुखार होने पर वह नगर पालिका के पास स्थित एक निजी क्लीनिक में उपचार कराने गई थीं। वहां इंजेक्शन लगने के करीब 15 मिनट बाद उनके हाथ में तेज दर्द हुआ और धीरे-धीरे हाथ ने काम करना बंद कर दिया।
पीड़िता के अनुसार, कई दिनों तक हाथ में सुधार न होने पर उन्होंने अलग-अलग चिकित्सकों और लखनऊ स्थित मेडिकल कॉलेज में उपचार कराया, जहां हाथ की स्थिति गंभीर बताई गई। महिला का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद उनका हाथ पूरी तरह पैरालिसिस हो गया है, जिससे वह रोजमर्रा के कार्यों के लिए परेशान हैं।
पीड़िता ने बताया कि वह तीन बच्चों की मां हैं और उनके पति भी दिव्यांग हैं। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, लेकिन हाथ ने काम करना बंद कर दिया है। महिला ने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद उनके पति ने भी उन्हें घर से निकाल दिया, जिससे वह अपने बच्चों के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की शिकायत करने पहुंचने पर संबंधित लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उन्हें वहां से भगा दिया। पीड़िता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाते हुए महिला ने कहा कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। जिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
