बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला गंगा, वृक्षारोपण, पर्यावरण समिति एवं प्रदूषण संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। नदियों में बहाए जा रहे ठोस अपशिष्ट एवं सीवेज की रोकथाम की समीक्षा के दौरान करनपुरा स्थित 10.44 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संयंत्र के बंद रहने से अशुद्ध जल सीधे नदी में प्रवाहित हो रहा है, जो अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले दो माह तक प्रतिदिन एसटीपी संचालन की फोटो एवं रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मौजा उमरैन स्थित 13.5 एमएलडी क्षमता का सीवेज उपचार संयंत्र भी बंद पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा अधिक धनराशि व्यय किए जाने के बावजूद यदि गंदा पानी नदियों में जा रहा है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लोगों की आस्था एवं पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले संस्थानों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। संबंधित अधिनियमों में पर्याप्त प्रावधान होने के बावजूद उदासीनता एवं अकर्मण्यता प्रदर्शित की जा रही है, जिसे तत्काल समाप्त किया जाए। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के कूड़ा वाहनों द्वारा सड़क किनारे कचरा डाले जाने के प्रकरण पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नगर निकायों को कूड़ा वाहनों में पीछे से पूर्णतः बंद होने वाली व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए ताकि परिवहन के दौरान कचरा सड़कों पर न गिरे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, सामाजिक निदेशक वानिकी विकास नायक, आईएएस कोमल पुनिया, अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर सहित समस्त संबंधित अधिकारीगण उपस्थिति रहे।
