छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय कांधनी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय इटावा द्वारा छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और विभिन्न मनोरोगों के समय पर निदान हेतु गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मनोवैज्ञानिक दिलीप कुमार चौबे ने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य की ही तरह मानसिक स्वास्थ्य भी जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। मानसिक विकार कोई अभिशाप या लाइलाज समस्या नहीं हैं, बल्कि सही समय पर लक्षणों की पहचान और चिकित्सकीय परामर्श से इनका पूर्ण उपचार संभव है। प्रमुख मानसिक विकार एवं उनके प्रारंभिक लक्षण चित्ता एवं घबराहट अकारण भय, बेचौनी, धड़कन तेज होना, नींद में बार-बार बाधा आना, एकाग्रता में कमी, मांसपेशियों में खिचाव तथा छोटी-छोटी बातो पर अत्यधिक उलझन महसूस होना। चिकित्साधिकारी डा. प्रिया ने ऑब्सेसिव कपल्सिव डिसऑर्डर के बारे में कहा कि एक ही विचार बार-बार मन में आना और उसे रोकने की कोशिश के बावजूद बार-बार एक ही क्रिया दोहराना। मानसिक स्वास्थ्य एवं शारीरिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं। प्रधानाचार्य डा. निर्मल चन्द्र बाजपेई ने कहा कि मोबाइल की लत एवं बच्चों में व्यवहार संबंधी बदलाव अत्यधिक गुस्सा, जिद्दीपन, पढाई में अचानक गिरावट, गुमसुम रहना या ये लक्षण किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों पर निर्भरता पर भी होते है। छात्रों से की अपील की यदि आपके परिवार, पड़ोस या परिचितों में उपर्युक्त में से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो इसे अंधविश्वास या सामाजिक झिझक का विषय न बनाएं। जिला चिकित्सालय स्थित मानसिक स्वास्थ्य इकाई में संपर्क कर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श एव निःशुल्क उपचार प्राप्त करें। कार्यक्रम में राम कृपाल, मेघा सिंह, अभिषेक भास्कर, शिखा, पुष्पराज राकेश, संगीता, आरती, एकता, सुधा, नीलम, पूजा, आदित्य गौरव, सुभम, सचिन, सर्वेश, अमित करन, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रतिपाल प्रवक्ता ने किया। गोष्ठी में मौजूद प्रधानाचार्य डा. निर्मल चन्द्र बाजपेई व चिकित्सक।
