स्व. राहत हुसैन के बीसवें पर हुई मजलिस
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। अंजुमन हैदरी के सेकेट्री स्व. राहत हुसैन रिज़वी के बीसवें पर पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में आसिफ रिज़वी व काशिब की ओर से मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना सदाकत हुसैन इमामे जमाअत फर्रुखाबाद ने कहा कि रसूल अल्लाह ने फरमाया है कि जो मेरे एहलैबैत की मोहब्बत में मरेगा वो जिंदा मरेगा। एहलैबैत का चाहने वाला कभी मरता नहीं बल्कि एक जगह से दूसरी जगह चला जाता है। एहलैबैत की मोहब्बत हर जगह फायदा पहुंचाती है। मौलाना सदाकत हुसैन ने कहा हमने अल्लाह, रसूल, हुसैन, कुरान, एहलैबैत को माना इनके जैसा कायनात में कोई नहीं है। हमने उसी को माना जिसे मानने के लिए अल्लाह और रसूल ने कहा। कर्बला में इमाम हसन के बेटे कासिम ने कहा था कि मौत मेरे लिए शहद से ज्यादा मीठी है। इससे साबित हो गया कि एहलैबैत के चाहने वालों के लिए मौत शहद से ज्यादा मीठी होती है और उनके चाहने वाले कभी मौत से नहीं डरते।मजलिस में सलीम रज़ा, जाफ़र ईरानी, सफीर हैदर ने सोजख्वानी अश्शू रिज़वी, सलमान रिज़वी ने सलाम और जाफ़र ईरानी व तनवीर नोहाख्वानी की। मजलिस में मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा, अल्हाज कमर अब्बास नकवी कर्बलाई, हाजी अरशद मरगूब, शावेज़ नक़वी, तहसीन रज़ा, आगा हसन अब्बास, मो. अब्बास, समर अब्बास, लारैब नक़वी, शादाब हसन, आतिफ़ एड., आरिफ रिज़वी, अयाज हुसैन सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना सदाकत हुसैन फर्रुखाबाद।
