
करंट विज़न संवाददाता
इमरान खान
जसवंतनगर। तहसील बार एसोसिएशन, जसवंतनगर के अधिवक्ताओं ने शनिवार को तहसील परिसर में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ल को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने तहसील और उपजिलाधिकारी न्यायालय में व्याप्त प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के कारण वादकारियों और अधिवक्ताओं को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुशवाहा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उपजिलाधिकारी न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 116 के नए वाद दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। वहीं, धारा 24 के नए मामलों को भी स्वीकार नहीं किया जा रहा है। धारा 24 के लंबित मामलों में नियमित तारीखें न दिए जाने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की शिकायत की गई।
अधिवक्ताओं ने धारा 170, 126 और 135 के मामलों में जमानत के बाद तारीख देने में अनियमितता, पुनर्स्थापन प्रार्थना-पत्रों के पंजीकरण में कठिनाई, खतौनी और खसरा समेत अन्य राजस्व अभिलेखों की नकल जारी करने में देरी तथा अभिलेखागार से पत्रावलियां समय पर उपलब्ध न होने की समस्याएं भी उठाईं।
ज्ञापन में न्यायालयों और कार्यालयों में बाहरी व्यक्तियों से कार्य कराए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे न्यायालय की गोपनीयता प्रभावित हो रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की।
इस दौरान सौमिल सक्सेना, राजीव चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष संदीप वर्मा, संजीव यादव, सुरेंद्र सिंह, आलोक रत्न, विपिन बिहारी, महेंद्र सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
फोटो: अधिवक्ताओं की शिकायत सुनते जिलाधिकारी।
