सलामत इंडिया वाले रहें मौला के साये में
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। स्थानीय सैदबाड़ा स्थित शरीफ मंज़िल में राहत अक़ील शक्कन व डा. शब्बर अक़ील की ओर से ईद ए ज़हरा के खुशनुमा मौके पर महफ़िल का आयोजन किया गया। महफ़िल में आयोजक की ओर से मोहर्रम और चेहल्लुम में अग्रणी भूमिका निभाने वाले शिया समाज के लोगों को सम्मानित किया गया। महफ़िल की अध्यक्षता मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने करते हुए यह कलाम पेश किया गम से निकले तो खुशियों की वादियां देखीं, हमने अपने घर मे खुशी के दीये जलाएं हैं। सलीम रज़ा ने कहा गमे शब्बीर की बढ़ती अमलदारी को रोकेंगे, सलामत इंडिया वाले रहें मौला के साये में। तसलीम रज़ा ऊधम ने कहा खुशी के फूल बरसाओ ये है ईदे नाहम आई, इमामे अस्र को दो मुबारकबादियां दिन की।अख्तर अब्बास रिज़वी मोंटू ने कहा जुल्म चाहे जितना हो लाख गोलियां बरसें कर्बला तो जाएंगे तुम जलो या मर जाओ। ताबिश रिज़वी ने कहा बिछा के फर्श ये महफ़िल का आज एहले विला, हुई है ईद मोहम्मद के घर बताएंगे। सफीर हैदर ने कहा कजाबों का मिम्बर बनाया नबी ने ये हुक्मे खुदा है बताया नबी ने, अली के सिवा जानशीने मोहम्मद किसी को बनाने की कोशिश न करना।सलमान रिज़वी ने कहा दाद देने के लिए महफ़िल में जब उठे हैं हाथ, ऐसा लगता है अली खैरात देते हैं हमे। आबिद रज़ा ने कहा हुई है ईद मुहम्मद के घर में बरसों बाद, सुना है सैयद ए सज्जाद मुस्कुराए हैं। इसके अलावा तनवीर हसन, सफीर हैदर, अश्शू रिज़वी, तालिब रज़ा, अर्श अब्बास, तालिब रिज़वी, मो. इब्राहीम, अरसलान, मो. सादिक ने भी कलाम पेश किए। महफ़िल के आयोजक राहत अक़ील व डा. शब्बर अक़ील की ओर से मौलाना अनवारुल हसन जैदी, अल्हाज कमर अब्बास नकवी, तस्लीम रज़ा, सलीम रज़ा, शावेज़ नक़वी, तनवीर हसन, अयाज हुसैन, राहिल सगीर, सैफू, बिटटू, मंजर सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया। महफ़िल में शिया समाज के लोगों को सम्मानित करते डा. शब्बर अक़ील।
