बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में राजस्व स्टाफ की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों को सभी अधिकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जब तक अधिकारी स्वयं गंभीरता से प्रयास नहीं करेंगे, तब तक लंबित वादों का अपेक्षित निस्तारण संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों के निस्तारण का एक निर्धारित मानक एवं अनुपात है, जिस पर शासन स्तर से भी निरंतर निगरानी की जा रही है। इसलिए जिन अधिकारियों की निस्तारण दर अच्छी है, वे उसे बनाए रखें तथा जिनकी स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है, वे विशेष प्रयास कर उसमें सुधार लाएं। उन्होंने धारा 34 के अंतर्गत लंबित मुकदमों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी अपने न्यायालय में नियमित रूप से बैठें और न्यायालयीन कार्यों की प्रभावी ढंग से सुनवाई करें। पांच वर्ष से अधिक पुराने मुकदमे किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहने चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी राजस्व कानूनों एवं संबंधित प्रावधानों का गहन अध्ययन करें। कानून की स्पष्ट जानकारी होने पर ही अधिकारी न्यायालय में प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य कर सकेंगे। आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिले की रैंकिंग एवं गुणवत्ता पर विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत को पोर्टल पर निस्तारित दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वादों का निस्तारण केवल संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं न्यायसंगत ढंग से किया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक संदीप श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार सहित विभाग से संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
