समीक्षा बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियोजन कार्यों की समीक्षा केवल औपचारिकता के रूप में न हो, बल्कि प्रत्येक महत्वपूर्ण मामले की गंभीरता से मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई उन मामलों की सूची की समीक्षा की, जो पिछले 3-4 वर्षों से लंबित हैं। ऐसे मामलों को चिन्हित कर मॉनिटरिंग सेल की बैठक में रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित मामलों में अब प्रभावी कार्रवाई के लिए आगे बढ़कर निर्णय लेना होगा। न्यायालयवार सूची उपलब्ध कराई जाए और सूची के आधार पर मामलों को प्राथमिकता तय करते हुए प्राथमिकता के साथ सुनवाई एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गंभीर अपराध करने वाले अपराधियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाना चाहिए। अभियोजन अधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर मजबूती से पैरवी करें, जिससे दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके। महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराध, गंभीर आपराधिक प्रकरणों तथा समाज को प्रभावित करने वाले मामलों में अभियोजन की कार्रवाई पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ की जाए। जिलाधिकारी ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराधियों में कानून का भय कायम रखने के लिए पुलिस एवं अभियोजन विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में अभियोजन विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों, निस्तारित वादों, दोषसिद्धि की स्थिति तथा प्रभावी पैरवी के संबंध में विस्तृत जानकारी जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने प्रस्तुत प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने को कहा। बैठक में एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, सहित फौजदारी, पास्को एक्ट, राजस्व, दीवानी, गैंगस्टर एक्ट, आदि के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता व अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
