करंट विज़न संवाददाता
इमरान खान
इटावा में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें राजपूत समाज के गरीब लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने और उन्हें न्याय से वंचित रखने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पैसे और प्रभाव के दम पर असली दोषियों को बचाया जा रहा है, जबकि गरीब और निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है।
पीड़ितों के अनुसार, अस्पताल से जुड़े प्रभावशाली लोग अपनी आर्थिक ताकत का इस्तेमाल कर प्रशासनिक दबाव बना रहे हैं। वहीं गरीब परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है और न्याय मांगना भी अपराध जैसा बना दिया गया है।
राजपूत समाज के लोगों ने इस पूरे मामले को समाज के सम्मान और न्याय से जुड़ा मुद्दा बताते हुए उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ जी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मुख्यमंत्री से प्रमुख मांगें:
- इटावा में हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- अस्पताल से जुड़े दोषी कर्मचारियों एवं जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- राजपूत समाज के गरीब एवं निर्दोष लोगों पर लगाए गए झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।
- पीड़ित परिवारों को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए।
समाज के लोगों ने कहा है कि वे हर परिस्थिति में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और न्याय मिलने तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
अंत में शासन-प्रशासन से अपील की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए गरीब और पीड़ित लोगों को न्याय दिलाया जाए, ताकि आम जनता का कानून और प्रशासन पर विश्वास बना रहे।
