#इटावा #पुलिस का बड़ा अभियान: करोड़ों का फर्जी जीएसटी रैकेट उजागर, 5 गिरफ्तार

इटावा  पुलिस का बड़ा अभियान: करोड़ों का फर्जी जीएसटी रैकेट उजागर, 5 गिरफ्तार

करंट विज़न

इमरान खान

 

इटावा, 03 फरवरी 2026: इटावा पुलिस ने प्रदेश में फर्जी फर्मों के जरिए संगठित रूप से जीएसटी चोरी करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। लगभग 7.03 करोड़ रुपये के राजस्व घोटाले का खुलासा करते हुए अब तक 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनसे लैपटॉप, फर्जी जीएसटी इनवॉइस और बिना नंबर प्लेट की एक कार भी बरामद की है।

अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह सफल अभियान अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन और पुलिस उप महानिरीक्षक, कानपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में चलाया गया। इसकी रूपरेखा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) एवं क्षेत्राधिकारी (नगर) के मार्गदर्शन में तैयार की गई।

कैसे चलता था घोटाला?

सहायक आयुक्त, राज्य कर, इटावा की लिखित शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। पता चला कि अभियुक्तों के एक गिरोह ने:

· कागजों पर फर्जी कंपनियाँ (फर्म) बनाईं।
· बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के, सिर्फ कागजों पर फर्जी टैक्स इनवॉइस/बिल जारी किए।
· इन फर्जी बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) अर्जित किया और इसे अन्य व्यापारियों को पास-ऑन करके कमीशन वसूला।
· इस पूरी प्रक्रिया में सरकार को वास्तविक कर का भुगतान किए बिना ही करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया।

इस मामले में इटावा के कोतवाली, फ्रेंड्स कॉलोनी और जसवंतनगर थाना क्षेत्रों में अलग-अलग तिथियों पर कुल 07 एफआईआर दर्ज की गई थीं।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम

03.02.2026 को गिरफ्तार किए गए अभियुक्त हैं:

1. अंकित जौहरी (पुत्र स्वर्गीय संजय जौहरी), निवासी टिक्सी मंदिर के सामने कॉलोनी।
2. शिवा जौहरी (पुत्र नरेश जौहरी), निवासी टिक्सी मंदिर के सामने कॉलोनी।
3. अभिषेक कुमार शाक्य (पुत्र विमलेश कुमार शाक्य), निवासी कटरा समशेर खाँ।
4. देवेश चंद्र शाक्य (पुत्र राजेश कुमार शाक्य), निवासी कटरा समशेर खाँ।
5. मोहम्मद आसिफ खान (पुत्र अनीश खान), निवासी बरही टोला।

इससे पहले भी तीन अन्य अभियुक्त नितिन गुप्ता, जीशान और तरुण अग्रवाल गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

पूछताछ में खुलासा: सुनियोजित था षड्यंत्र

· अभियुक्त अंकित जौहरी और तरुण अग्रवाल ने 50-60 फर्जी जीएसटी फर्में बनाईं।
· चार्टर्ड अकाउंटेंट न होते हुए भी अंकित जौहरी अकाउंटिंग, ऑडिट और जीएसटी रिटर्न दाखिल करने का काम करता था।
· गिरोह भोले-भाले लोगों के दस्तावेज लोन या नौकरी के प्रलोभन देकर हासिल करता था और उनसे फर्जी फर्में चलाता था।
· आईटीसी पास-ऑन करने के बदले उन्हें लगभग 2.5% कमीशन मिलता था।
· जांच को गुमराह करने के लिए अलग-अलग राज्यों के पतों पर फर्में खोली जाती थीं।

बरामद सामग्री

1. 01 लैपटॉप (लेनोवो कंपनी)
2. फर्जी टैक्स इनवॉइस / ई-बिल से संबंधित दस्तावेजों का ढेर
3. 01 मारुति सुजुकी FRONX कार (बिना नंबर प्लेट, धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत बरामद)

चल रही है विस्तारित जांच

अन्य संभावित अभियुक्तों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (SIT) द्वारा जांच जारी है। डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि इस संगठित आर्थिक धोखाधड़ी रैकेट के सभी सदस्यों को कानून के सामने लाया जा सके।

इटावा पुलिस का यह #ऑपरेशन #राजस्व की रक्षा और आर्थिक अपराधों के खिलाफ उनकी गंभीरता को दर्शाता है।

#facbookpost #viralvideo #treding #viral #fbpost #trendingvideo #BreakingNews #ETAWAH

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *