
करंट विज़न संवाददाता
इमरान खान
इटावा,19 जून। नगर के सती मुहल्ला निवासी आज फिर एक बार डी एम के द्वार पहुंचे और अपनी पुरानी समस्या को गंभीरतापूर्वक जांच के बाद स्थाई समाधान निकलने का अनुरोध किया। इस अवसर पर एक दर्जन से अधिक लोगों ने कचहरी पहुंच कर अपनी व्यथा प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया, जिसमें चार प्रतिनिधियों की बात गंभीरता से सुन कर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने वहीं उपस्थित सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर को शीघ्र जांच कर आख्या देने का निर्देश दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता गणेश ज्ञानार्थी, शिव प्रकाश श्रीवास्तव, आशीष बाथम, योगेंद्र प्रताप आदि ने अब तक पूर्व में हुए आदेशों और कार्यवाहियों के संदिग्ध परिणामों के कारणों की जानकारी देते हुए यह भी बताया कि के के इंटर कॉलेज के सामने सती मुहल्ले के कौने पर चल रहे साईं उत्सव गार्डन की जमीन वस्तुतः पूर्व जमींदार द्वारा जिलाधिकारी को प्रदत्त वह स्थल है,जहां डेढ़ सौ साल पूर्व से विगत पचास साल पूर्व तक जिला परिषद और नगर पालिका के स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता था, जिसे मॉडल स्कूल भी कहा जाता था। जब प्राथमिक शिक्षा के लिए अलग विभाग बने तब से यह स्थल खाली हो गया, और जिला प्रशासन के कब्जे से हट कर किन्हीं लोगों द्वारा धीरे धीरे कब्जा कर लिया गया,जिस पर सैकड़ों फल दार पेड़ कटवा कर विगत तीन दशक से मैरिज होम आदि व्यावसायिक कार्य चल रहे हैं। जिसके कारण सती मुहल्ले की गली बीस बाइस फीट की जगह कहीं कहीं तो केवल छह सात फीट ही रह गई है। नगर के बीचों बीच उत्सव गार्डन से ध्वनि प्रदूषण एवं गली के मुहाने पर घंटों के जाम की भी समस्या है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि विगत वर्ष डीएम अवनीश राय ने नगर एस डी एम,सदर, नगर पालिका ई ओ, तहसीलदार की टीम से जांच करवाने हेतु ए डी एम को निर्देशित किया गया था। जिसमें एस डी एम कार्यालय में जांच के समय आधा दर्जन लोगों ने विस्तृत रूप से बिंदुवार जांच में अवगत कराया था, कि साईं उत्सव गार्डन वालों ने लगभग बाइस बीघा जमीन पर कब्जा करके सार्वजनिक हित की गली पर भी अतिक्रमण कर रखा है, जिसमे इनके द्वारा केवल लगभग छह बीघा जमीन का सौ साल पुराना बैनामा दिखाया जाता है, जो इस लिए अवैध और फर्जी है क्योंकि इस जमीन की देखभाल के लिए नियुक्त मुतवल्ली यानी प्रबंधक की पत्नी के नाम से बैनामा करवाया गया था, जिन्हें बैनामा करने का कोई विधिक अधिकार ही नहीं था। उसी वक्त साईं उत्सव गार्डन की ओर से मुख्य कर्ताधर्ता डॉ श्री प्रकाश वर्मा से पूछा गया तो सबके सामने उन्होंने स्वीकार किया कि उनके कब्जे में बाइस बीघे से अधिक जमीन है। जिस पर उन्हें कागज प्रस्तुत करने का बार बार समय दिया गया, किन्तु उनके द्वारा कोई प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध न करवा कर जांच को ही बंद करवा दिया गया। जिस कारण अब तक हुई जांच के निष्कर्ष संबंधी कागज शिकायत कर्ताओं को दर्जन बार अनुरोध के बाद भी प्राप्त नहीं करवाए गए।
लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की कि निष्पक्ष प्रभावी जांच पश्चात उपरोक्त जगह से कब्जा हटवा कर जिलाधिकारी स्वयं अपने कब्जे में लेकर नगरपालिका अथवा किसी विभाग से बच्चों के लिए पार्क खेलकूद सामुदायिक केंद्र और वाचनालय की व्यवस्थाएं आदि करवाने का कष्ट करें तथा गली को पुराने नक्शे के अनुसार कम से कम बाइस फीट चौड़ी नगरपालिका से बनवाने की व्यवस्था करें तो सच्चा जनहित होगा। और इस जगह को अनाधिकृत रूप से कब्जा करके प्रशासन को बार बार गुमराह करने वालों से इस व्यावसायिक स्थल से की गई आमदनी भी वसूल कर सरकारी खजाने में जमा करवाई जाए।
इस अवसर पर डा जयवीर सिंह तोमर, विनोद चौहान, योगेंद्र प्रताप सिंह चौहान, संजीव कुमार, बृज किशोर पाल, आशीष बाथम, अभिषेक ज्ञानार्थी, आलोक बाथम आदि ने कचहरी पहुंच कर अपनी व्यथा व्यक्त की। नगर दंडाधिकारी के आश्वासन के बाद उनकी जांच की प्रतीक्षा है। अब तक कार्यवाहियों में अग्रणीय रहे पूर्व सैनिक राम पाल सिंह भदौरिया, डॉ नेक सिंह कुशवाहा, डॉ विनोद आदि ने बताया कि मुहल्ले वासी इस बात को लेकर आश्चर्यचकित हैं, कि प्रशासन नगर के बीचोंबीच की बेशकीमती जमीन की जांच के बाद बुलडोजर चलाने का दावा करने वाले अधिकारी आखिर क्यों खामोश हो जाते हैं और सरकारी जमीन को खाली करवाने में हिचकते क्यों हैं
