शहीदाने कर्बला की याद में हुआ मजलिसों का आयोजन
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। शहीदे आज़म इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला की याद में पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में सगीर रज़ा, मोहम्मद नईम और खुशनसीब की ओर से मजलिसों का आयोजन किया गया। इसी के साथ दरगाह हज़रत अब्बास महेरे पर नोचन्दी जुमेरात पर मजलिस हुई।मजलिसों में तक़रीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन जैदी ने कहा कुरान हिदायत का चिराग और एहलेबैत हिदायत की कश्ती हैं। अल्लाह ने एहलेबैत को हमारे लिए हुज्जत करार दिया है हमे इनके गम में गम और खुशी में खुशी मनाना चाहिए। नामे हुसैन पर लोगों को पानी पिलाना बहुत बड़ा पुण्य का काम है। मौला अब्बास का अलम आज पूरी दुनियां में लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि इमाम बाकिर फरमाते हैं जो कुरान की 10 आयतों को पढ़कर लेटेगा उसका शुमार ग़ाफ़िलीन में नहीं होगा और जो तीन सौ आयतों को पढ़कर लेटेगा उसका शुमार कामयाब लोगों में होगा। मजलिसों में सलीम रज़ा, जहूर नक़वी, सफीर हैदर ने सोजख्वानी की, सलमान रिज़वी तालिब रिज़वी, वली, मो. सादिक ने कलाम पेश किये और तनवीर हसन, राहिल सगीर, अख्तर अब्बास रिज़वी ने नोहाख्वानी की। मजलिसों में अल्हाज कमर अब्बास नकवी करबलाई, हाजी अरशद मरगूब, तसलीम रज़ा, शावेज़ नक़वी, मुशीर हैदर, हसन अब्बास, मो. मियां, सईद नक़वी, नजमुल हसन, समर अब्बास, अख्तर मिर्जा, अमीर हैदर, आरिफ रिज़वी, शारिब, तसवीर हैदर, कम्बर रज़ा, जाफ़र रज़ा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मजलिस में तक़रीर करते मौलाना अनवारुल हसन जैदी।
