
करंट विज़न संवाददाता
इमरान खान
इटावा। शहर के साबितगंज स्थित दरगाह चिश्तिया नईमियां पर हजरत डॉ. एनुन्नईम (डॉ. बन्ने मियां) चिश्ती का 29वां सालाना उर्स मुबारक बड़े ही अदबो-ए-एहतराम और अकीदत के साथ सम्पन्न हुआ। उर्स में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ ही अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंचकर मजार शरीफ पर हाजिरी दी और दुआएं मांगीं।
उर्स हजरत सैयद मुहम्मद अख्तर चिश्ती, सज्जादानशीन आस्ताना आलिया समदिया फफूंद शरीफ, औरैया की देखरेख में सम्पन्न हुआ। उर्स के दौरान दरगाह चिश्तिया नईमियां को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे दरगाह का पूरा परिसर रोशन नजर आया।
उर्स का शुभारंभ बाद नमाज-ए-जौहर कुरआन ख्वानी से किया गया। इसके बाद आस्ताना आलिया समदिया के साहिबे सज्जादा हजरत सैयद अख्तर मियां चिश्ती ने मजार शरीफ पर संदल शरीफ एवं चादरपोशी की। चादरपोशी के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। इसके बाद दरगाह पर चादर पेश करने का सिलसिला जारी रहा। जयपुर से रुस्तुम अली, आगरा से हादी हसन नूर सज्जाद बेग सहित विभिन्न स्थानों से आए अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पर चादर पेश कर अपनी अकीदत का इजहार किया।
जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी व शबे बंदा नवाज़ में दिया अमन-भाईचारे का पैगाम
बाद नमाज-ए-ईशा जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की शानदार महफिल का आयोजन किया गया। महफिल में आस्ताना आलिया समदिया चिश्तिया फफूंद शरीफ के वली अहद हजरत अल्लामा व मौलाना सैयद नवाज अख्तर चिश्ती (चिश्ती मियां) ने दीन-ए-इस्लाम, सीरत-ए-नबी, देश में अमन-भाईचारे और छात्रों की तालीम के महत्व पर विस्तार से रोशनी डाली।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ अच्छे अखलाक और इंसानियत की सीख भी हासिल करनी चाहिए। युवाओं को मेहनत, शिक्षा और अच्छे चरित्र के जरिए अपने परिवार, समाज और देश की तरक्की में योगदान देना चाहिए। उन्होंने सीरत-ए-पाक नबी ﷺ से मोहब्बत, भाईचारे, इंसाफ और इंसानियत का पैगाम लेने की अपील की।
मौलाना सैयद नवाज अख्तर चिश्ती ने हजरत डॉ. बन्ने मियां रह. की हयात-ए-जिंदगी और उनकी धार्मिक व सामाजिक सेवाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला तथा उनके बताए रास्ते और बुजुर्गों की शिक्षाओं पर अमल करने की ताकीद की।
इसके बाद मौलाना फुरकान रजा खतीब ओ इमाम मस्जिद डाक्टर बन्ने मियां ने अपने संबोधन में समाज में फैली बुराइयों से बचने की ताकीद करते हुए मोहब्बत, भाईचारे और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने अकीदतमंदों से बुजुर्गों के नक्श-ए-कदम पर चलने और उनकी दी हुई शिक्षाओं को अपनी जिंदगी में अपनाने की अपील की।
शबे-बन्दा नवाज की महफिल में बच्चों ने बांधा समां
उर्स के एक दिन पूर्व शबे-बन्दा नवाज के नाम से शानदार महफिल का आयोजन किया गया। इस महफिल में हजरत बन्ने मियां मस्जिद के मकतब में शिक्षा हासिल करने वाले तालिबे इल्म बच्चों ने नात-ए-पाक और मनकबत पेश कर महफिल में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को अकीदतमंदों ने खूब सराहा और उनकी हौसला अफजाई की।
उर्स में शहर व बाहर से आज हुए ओलमा ए किराम व हुफ्फाज, शायरे इस्लाम व शहर के जिम्मेदार हुए शामिल
महफिले समा में पेश किए गए कलाम
इसके बाद महफिले समा का आयोजन हुआ, जिसमें फफूंद शरीफ के कव्वाल दिलशाद तथा बच्चा पार्टी फिरोजाबाद ने अपने कलाम पेश किए। कव्वालों ने सूफियाना कलाम और मनकबत पेश कर महफिल में रूहानी समां बांध दिया। देर रात तक अकीदतमंद महफिल में मौजूद रहे।
कुल शरीफ के मौके पर हजरत सैयद अख्तर मियां सज्जादानशीन ने फातिहा पेश की और मुल्क में अमन-शांति, भाईचारे, खुशहाली तथा सभी जायरीन के लिए दुआ की गई। उर्स के दौरान अकीदतमंदों के लिए लंगर का भी इंतजाम किया गया।
कई राज्यों से पहुंचे अकीदतमंद
डॉ. बन्ने मियां के उर्स मुबारक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अलावा जयपुर, लखीमपुर, ग्वालियर, भिंड, झांसी सहित अन्य स्थानों से भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जायरीन ने दरगाह पर हाजिरी देकर मजार शरीफ पर चादर पेश की और अपनी मुरादों के लिए दुआएं कीं।
उर्स के सफल आयोजन में दरगाह से जुड़े खादिमों और जिम्मेदारों ने व्यवस्थाओं को संभाला। बाहर से आने वाले जायरीन के ठहरने, लंगर और अन्य व्यवस्थाओं का भी इंतजाम किया गया।
अंत में दरगाह के मुहम्मद इनाम उल्लाह चिश्ती, मुहम्मद नदीम अहमद बरकाती, मुहम्मद फैसल चिश्ती व जुमला खुद्दामान दरगाह चिश्तिया नईमियां ने उर्स में बाहर से आए तमाम जायरीन, अकीदतमंदों और सहयोग करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया।
दरगाह इंतजामिया की ओर से उर्स के दौरान व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान करने पर इटावा शहर प्रशासन एवं कोतवाल साहब का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया गया।
उन्होंने उर्स में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने वाले सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया।
