राशिद मरगूब व एजाज़ हुसैन ने किया मजलिसों का आयोजन
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। शहीदे आजम इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला की याद में इमाम बारगाह घटिया अज़मत अली पर राशिद मरगूब और ऐजाज़ हुसैन बब्लू की ओर से मजलिसों का आयोजन किया गया। मजलिस का शुभारंभ जहूर नक़वी व सलमान रिज़वी ने सोजख्वानी से किया। मजलिसों में तक़रीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा नमाज कुबूल होगी तभी बाकी के आमाल कुबूल होंगे। रसूल अल्लाह ने फरमाया है कि जो इंसान यतीमों की परवरिश करेगा वो मेरे साथ जन्नत में रहेगा। इमाम हुसैन ने उम्मत की इस्लाह के लिए मदीना छोड़ा और कर्बला गए। इमाम हुसैन का पैगाम है कि नेकियों को फैलाया जाए और समाज से बुराइयों का खात्मा किया जाए। मौलाना जैदी ने कहा कि कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनकी चार साल की बेटी को जालिमों ने पानी भी नहीं दिया और कैदी बनाकर बाजारों में घुमाया गया। जनाबे सकीना की भूख प्यास की हालत में कैदखाने में शहादत हो गई। मजलिसों में राहिल सगीर, तनवीर हसन, अख्तर अब्बास रिज़वी ने नोहा ख्वानी की। तालिब रिज़वी, सलमान रिज़वी ने कलाम पेश किये। मजलिसों में अल्हाज कमर अब्बास नकवी करबलाई, हाजी अरशद मरगूब, समर अब्बास, मो. अब्बास, शावेज़ नक़वी, आगा हसन अब्बास, अली साबिर, अयाज हुसैन, सफीर हैदर, शादाब हसन, आतिफ़ एड., शहजादे, हम्माद, शब्बर अक़ील, जीशान हैदर, समर सगीर, इबाद रिज़वी, मो. अतीक, मो. जुनैद, मो. जावेद, राशिद, हसन अली लालू, शाहिद, कलीम वारसी सहित बड़ी तादाद में लोगों ने भाग लिया। मजलिस में तक़रीर करते मौलाना अनवारुल हसन जैदी।
