करंट विज़न संवाददाता
इमरान खान
बसरेहर सीएचसी में भर्ती महिला की हालत बिगड़ने पर किया गया रेफर
परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप
शव रखकर परिजनों ने किया हंगामा, कार्रवाई की मांग
इटावा। बसरेहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में डिलीवरी के लिए आई एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार चौबिया थाना क्षेत्र के ग्राम बिहारीपुरा निवासी विपिन कुमार अपनी 35 वर्षीय गर्भवती पत्नी राधना देवी को प्रसव के लिए सोमवार को बसरेहर सीएचसी लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने कुछ दवाएं और इंजेक्शन बाहर से मंगवाए। इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
मृतका के पति विपिन कुमार ने बताया कि हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उनकी पत्नी को सैफई पीजीआई रेफर कर दिया। रास्ते में वह उसे इटावा के एक निजी अस्पताल और फिर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गर्भ में पल रहे शिशु की भी जान नहीं बच सकी।
परिजनों का आरोप— समय पर इलाज मिलता तो बच सकती थी जान
परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा दी जातीं तो महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की जान बचाई जा सकती थी। घटना से नाराज परिजनों ने महिला का शव सीएचसी परिसर में रखकर विरोध जताया और लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे की सूचना मिलते ही बसरेहर थाना प्रभारी सौरभ सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सीएचसी प्रभारी बोले— पीएम रिपोर्ट और जांच के बाद होगी कार्रवाई
बसरेहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. विकास सचान ने बताया कि महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
