करंट विजन संवाददाता
इमरान खान
*इटावा* भारतीय संस्कृति की आधारशिला पूज्य गौवंश को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने के संकल्प के साथ आज कचहरी परिसर में भारी उत्साह देखा गया। इस दौरान विभिन्न माध्यमों से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और जिलाधिकारी कार्यालय तक अपनी बात पहुँचाने के लिए नगर मजिस्ट्रेट को पांच अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और सभी राज्य सरकारों से यह प्रार्थना करना है कि वे संविधान के दायरे में रहकर और अहिंसक मार्ग अपनाते हुए भारतीय देशी गोवंश को वह सर्वोच्च सम्मान प्रदान करें जिसका वह हकदार है।
ज्ञापन के माध्यम से यह पुरजोर मांग उठाई गई कि भारत में गोहत्या पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाकर इसे जड़ से समाप्त किया जाए और गौ माता को ‘राष्ट्र माता’, ‘राष्ट्र देव’ अथवा ‘राष्ट्रीय धरोहर’ जैसे सम्मानित पदों से विभूषित किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने गौ सेवा के लिए एक सशक्त केंद्रीय कानून बनाने और अलग से केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय के गठन की आवश्यकता पर भी बल दिया। इसके साथ ही गोचर बोर्ड की स्थापना, चारा सुरक्षा नीति को लागू करने और भविष्य की प्रगति के लिए गौ-आधारित कृषि को सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
इस गरिमामयी और महत्वपूर्ण अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शिवा ठाकुर, मयंक बिधौलिया, उर्मिला भदोरिया, आर्यन कुमार, आयुष सिंह, सूरज सिंह सूर्या, जितेंद्र गॉड, सूर्यांश शंकर दीक्षित, पुनीत पाठक, सूर्यांश दीक्षित और एडवोकेट विकास रावत सहित कई अन्य प्रबुद्ध जनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस मुहिम को मजबूती प्रदान की।
