करंट विज़न संवाददाता
इटावा। इटावा बरेली हाईवे स्थित नवनिर्मित टोल प्लाजा के विरोध में अब किसान भी आ गए। टोल प्लाजा को लेकर पहले स्थानीय लोगों ने मानकों का उल्लंघन बताते हुए इसे अवैध करार दिया, फिर मामला राजनीति तक पहुंचा और अब किसान संगठन भी खुलकर विरोध में उतर आए हैं किसान यूनियन अराजनैतिक के इटावा जिला अध्यक्ष संजेश यादव को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। किसान अराजनैतिक संगठन ने बख्तियारपुर टोल प्लाजा पर महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की थी। इसी को देखते हुए सोमवार को पुलिस ने जिला अध्यक्ष संजेश यादव को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। उनके घर पर दो थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी बल तैनात किया गया। इस कार्यवाही के बाद किसान संगठनों और समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह अपने साथियों के साथ टोल प्लाजा पर पहुंच गए, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है। टोल प्लाजा बनने के बाद सबसे पहले क्षेत्र वासियों ने इसके निर्माण पर सवाल खड़े किए। लोगों का कहना है कि यह टोल प्लाजा तय मानकों को पूरा नहीं करता। नियमों के अनुसार 60 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा नहीं बनाए जा सकते, जबकि एक टोल चौबिया थाना क्षेत्र के बख्तियारपुर में बनाया गया है और दूसरा इसी हाईवे पर मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बरही में पहले से ही संचालित है। इसी आधार पर टोल को हटाने की मांग की जा रही है। पुलिस द्वारा नजरबंद किये गए संजेश यादव।
