
करंट विज़न संवाददाता
इमरान खान
।झांसी। लोगों की बीमारियां ठीक करने और भूत-प्रेत भगाने का दावा कर दिव्य दरबार लगाने वाला चर्चित ‘काली सरकार’ बाबा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, बाबा की असली पहचान प्रदीप शुक्ला है, जो कोई चमत्कारी बाबा नहीं बल्कि हरदोई का वांछित हिस्ट्रीशीटर निकला।
।बताया जा रहा है कि बाबा सेना जैसी वर्दी पहनकर दरबार लगाता था और पर्चियां निकालकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। इंस्टाग्राम पर भी उसके एक लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं।
13 गंभीर मुकदमों का आरोपी निकला बाबा!
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रदीप शुक्ला उर्फ काली सरकार के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास, अपहरण, यौन शोषण के प्रयास, मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत करीब 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
आरोप है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपनी पहचान बदलकर ‘सत्यानंद शुक्ला’ के नाम से रह रहा था और झांसी के कुरैंचा गांव स्थित एक मंदिर में छिपा हुआ था।
हरदोई और झांसी पुलिस का संयुक्त एक्शन!
करीब 31 साल पुराने मामलों में वांछित बताए जा रहे आरोपी को हरदोई और झांसी पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
अब सोशल मीडिया पर इस कथित चमत्कारी बाबा की असलियत सामने आने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग चमत्कार और अंधविश्वास के नाम पर ऐसे कथित बाबाओं के झांसे में आते रहेंगे
