उर्स में देशभर से श्रद्धालुओं का आना शुरू -हनी वारसी
करंट विज़न संवाददाता
इटावा कौमी एकता का प्रतीक दरगाह वारसी में परम्परागत 102वें सालाना उर्स की तैयारी पूरी हो गयी है। देश भर से श्रद्धालुओं (जायरीनों )के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम 01 नवम्बर से 4 नवम्बर तक चलेगा। यह जानकारी दरगाह हजरत सैयद अबुल हसन शाह वारसी के ऑनरेरी सेक्रेटरी हसनैन वारिस वारसी ने देते हुए बताया कि उर्स शरीफ का शुभारम्भ01 नवम्बर दिन इतवार से, सुबह बाद नमाज फर्ज कुरान ख्वानी के साथ शुरू हो जायेगा। हजरत मजहर अली शाह वारसी का सुबह 11:47 पर कुल होगा। बाद नमाज जोहर 03:00 बजे मीलाद शरीफ तथा असर बाद कुल शरीफ हजरत हाजी सैयद महमूद शाह वारसी होगा, रात 10 बजे से महफिले जिक्र सरकार वारिस पाक मुनक्किद होगा, 12:30 पर शब में कुल शरीफ जनाब सुल्तान हमीद वारसी व रात 2:00 बजे कुल शरीफ हजरत माशूक अली शाह वारसी होगा।
2 नवम्बर दिन सोमवार बाद नमाजे फर्ज कुरान ख्वानी, बाद नमाज़ असर नजर मौलाए कायनात जनाब हजरत अली शेरे खुदा अलैहिस्सलाम मुनक्किद होगी। रात 10:00 बजे महफिले समां शुरू होगी और शब में 1:10 पर कुल शरीफ हजरत सैयद अबुल हसन शाह वारसी मुनक्किद होगा। 3 नवम्बर दिन मंगलवार को बाद नमाजे फर्ज कुरान ख्वानी, रात 11 बजे महफिले समां शुरू होगी जो रात भर जारी रहेगी।4 नवम्बर दिन बुधवार सुबह 4:13 पर कुल शरीफ हज़रत हाजी हाफिज सैयद वारिस अली शाह आजमल्लाह जिक्ररहू बादहु मजलिस इमामैन अलैहिस्सलाम मुनक्किद होगी। बाद नमाज फर्ज प्रसाद (तबर्रुक) तकसीम होकर समापन होगा। ऑनरेरी सेक्रेटरी हसनैन वारिस वारसी ने बताया पूरी दरगाह शरीफ को कार्यकर्ताओं ने दुल्हन की तरह सजा कर अपनी मोहब्बत का सबूत पेश किया है जिसमे दरगाह शरीफ के अकीदतमंद और स्टाफ प्रमुख हैं।
