
करंट विज़न संवाददाता
इमरान खान
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा 15 अक्टूबर 2026 को UPSC-AGOI के तत्वावधान में “सर्वाइकल कैंसर के समग्र प्रबंधन (Comprehensive Approach to the Management of Cervical Cancer)” विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस शैक्षणिक पहल की सफलता माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व एवं निरंतर प्रोत्साहन का प्रतिबिंब है। शैक्षणिक उत्कृष्टता, संकाय विकास तथा चिकित्सा शिक्षा के उन्नयन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित करती है। इस प्रकार के आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञानवर्धन, नवाचार, व्यावसायिक विकास तथा बेहतर रोगी देखभाल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (डॉ.) कल्पना कुमारी, विभागाध्यक्ष, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, यूपीयूएमएस, सैफई के नेतृत्व में किया गया। इसमें प्रो. (डॉ.) निशा सिंह, अध्यक्ष, UPSC-AGOI एवं प्रमुख, ऑन्कोलॉजी यूनिट, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) किरण पांडेय, पूर्व विभागाध्यक्ष, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज तथा UPSC-AGOI की पूर्व अध्यक्ष की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। आसपास के चिकित्सा महाविद्यालयों के संकाय सदस्यों ने भी सहभागिता की, जिससे यह कार्यक्रम अकादमिक संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान एवं सामूहिक अधिगम का महत्वपूर्ण मंच बना।
सीएमई के दौरान सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, निदान एवं उपचार के विभिन्न पहलुओं पर सारगर्भित वैज्ञानिक चर्चाएँ की गईं। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी, साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियों तथा रोग के समग्र प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक दृष्टिकोणों से अवगत कराया। कार्यक्रम में महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए बहुविषयक सहयोग और सतत चिकित्सा शिक्षा के महत्व पर भी विशेष बल दिया गया।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के संकाय सदस्यों एवं आयोजन समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रो. (डॉ.) सोनिया विश्वकर्मा ने आयोजन सचिव की भूमिका निभाई, जबकि डॉ. वैभव कांति, डॉ. प्रगति द्विवेदी एवं डॉ. नूपुर मित्तल सह-आयोजन सचिव रहे। कार्यकारी सदस्यों डॉ. शालिनी सिंह, डॉ. सारिका पांडेय, डॉ. अनुराधा, डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव एवं डॉ. आकांक्षा शर्मा ने भी कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह सीएमई कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता, साक्ष्य-आधारित नैदानिक अभ्यास तथा सर्वाइकल कैंसर की समग्र देखभाल के प्रति यूपीयूएमएस एवं UPSC-AGOI की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। संस्थागत नेतृत्व, व्यावसायिक संगठनों एवं संकाय सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
