पानकुंवर स्कूल में अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने ‘सात्विक वीणा’ वादन कार्यक्रम आयोजित किया

एसएसपी को सम्मानित करते डा. कैलाश यादव

करंट विज़न संवाददाता

इटावा। पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल मनिकपुर मोड़, ग्वालियर बाईपास मे उत्तर प्रदेश एवं इटावा चैप्टर के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की उपस्थिति में ‘सात्विक वीणा’ वादन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तंत्री सम्राट पंडित सलिल विश्व मोहन भट्ट ने अपने वीणा वादन से श्रोताओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की अद्भुत परंपरा से परिचित कराया। उनके साथ ख्यातिलब्ध तबला वादक पंडित हिमांशु महंत ने अपनी शानदार संगत से कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति, संगीत और कलाओं के महत्त्व को समझने तथा अपने जीवन में अनुशासन, संस्कार और रचनात्मकता को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, मानसिक एकाग्रता और भारतीय विरासत के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के मुख्य कलाकार तंत्री सम्राट पंडित सलिल विश्व मोहन भट्ट सात्विक वीणा के सृजन और भारतीय शास्त्रीय संगीत की विशिष्ट परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए विख्यात हैं। उन्होंने अपने विशिष्ट वादन, मधुर स्वरों और भावपूर्ण संगीत के माध्यम से भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत का मनोहारी परिचय दिया। प्रख्यात तबला वादक पंडित हिमांशु महंत ने अपनी लयकारी, ताल की जटिल संरचनाओं पर पकड़ और अद्भुत संगत से प्रस्तुति को और भी प्रभावशाली बना दिया। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कैलाश चंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर संस्कार, संवेदनशीलता, अनुशासन और रचनात्मक सोच का विकास करना भी है। भारतीय शास्त्रीय संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य हिस्सा है, जो विद्यार्थियों में धैर्य, एकाग्रता, सौंदर्यबोध और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करता है।।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित अतिथियों ने कलाकारों की प्रस्तुति का आनंद लिया। सात्विक वीणा के मधुर स्वरों और तबले की मनमोहक लय ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए भारतीय शास्त्रीय संगीत को समझने, महान कलाकारों की साधना से प्रेरणा लेने और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जानने का यादगार अवसर बना।

 

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