बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन अभियोगों, लंबित वादों, प्रभावी पैरवी एवं दोषसिद्धि की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। माह में 18 सजा और 25 रिहा हुए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियोजन कार्यों की समीक्षा केवल औपचारिकता के रूप में न हो, बल्कि प्रत्येक महत्वपूर्ण मामले की गंभीरता से मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई उन मामलों की सूची की समीक्षा की, जो पिछले 3-4 वर्षों से लंबित हैं। वर्षों से लंबित मामलों में अब प्रभावी कार्रवाई के लिए आगे बढ़कर निर्णय लेना होगा। न्यायालयवार उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर मामलों को प्राथमिकता तय करते हुए प्राथमिकता के साथ सुनवाई एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा संबंधित अधिकारी प्रत्येक प्रकरण की प्रगति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखें।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गंभीर अपराध करने वाले अपराधियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाना चाहिए। अभियोजन अधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर मजबूती से पैरवी करें, जिससे दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके। कानून में काफी बदलाव हुए हैं और गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी कानूनी प्रावधान उपलब्ध हैं। इसलिए अभियोजन अधिकारी कानून के प्रावधानों का प्रभावी उपयोग करते हुए मजबूत पैरवी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय और आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास कायम रहना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराध, गंभीर आपराधिक प्रकरणों तथा समाज को प्रभावित करने वाले मामलों में अभियोजन की कार्रवाई पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ की जाए। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करते हुए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, एसपी सिटी बबिता सिंह सहित फौजदारी, पास्को एक्ट, राजस्व, दीवानी, गैंगस्टर एक्ट, आदि के जिला शासकीय अधिवक्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
