बच्चों को पास्को एक्ट की जानकारी देतीं सिविल जज
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय कांधनी में भारत सरकार के विधिक एवं न्याय मंत्रालय के तहत चलाये जा रहे अभियान बाल सुरक्षा को लेकर जागरूककता अभियान के तहत गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि सिविल जज रूचि ने कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर कहा कि बच्चों को भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना केवल कानून का दायित्व नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पाॅक्सो कानून बच्चों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त माध्यम है। समाज के प्रत्येक वर्ग को इस कानून के प्रावधानों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। ताकि किसी भी अन्याय के खिलाफ त्वरित कदम उठाया जा सके। गोष्ठी के समापन पर उस्थित लोगों से अपील की गई कि बच्चों के साथ होने वाले किसी भी संदेहास्पद व्यवहार या अपराध की जानकारी मिलने पर तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा पुलिस आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क करें। प्रधानाचार्य डा. निर्मल चन्द्र वाजपेई ने छात्रो को बताया कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा हमारे विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पाॅक्सो एक्ट (2012) बच्चों को लैंगिक उत्पीड़न और दुव्र्यवहार से बचाने के लिए बना एक बेहद कड़ा और स्पष्ट कानून है। एक शैक्षणिक संस्थान के रूप में हमारी यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि इस कानून के प्रति स्वयं भी पूरी तरह जागरूक रहेें और बच्चों को भी सजग बनाएं। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि सिविल जज रूचि एवं अन्य अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। गोष्ठी मे रामकृपाल, मेघा सिंह, अभिषेक भास्कर, शिखा, पुष्पराज राकेश, संगीता, आरती, सुधा, नीलम, पूजा, आदित्य गौरव, सचिन, सर्वेश, अमित, आशीष, उपेन्द्र आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रतिपाल सिंह प्रवक्ता ने किया।
