बाल श्रम मुक्त इटावा बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण सर्वेक्षण पर दिया जोर

डीएम की अध्यक्षता में टास्क फोर्स एवं बाल श्रम उन्मूलन जनपदीय समिति की बैठक संपन्न

करंट विज़न संवाददाता

इटावा। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स एवं बाल श्रम उन्मूलन जनपदीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल श्रमिकों के सर्वेक्षण के लिए संस्था के चयन तथा जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने जिला टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को आपसी समन्वय के साथ गुणवत्तापूर्ण सर्वेक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के दौरान बाल श्रम से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान की जाए, ताकि ऐसे बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया जा सके। इसके साथ ही बाल श्रम के विरुद्ध नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिन्हित बाल श्रमिकों व उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विद्यालयों में उनका नामांकन कराया जाए। साथ ही बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उन्हें कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाए। बैठक में सहायक श्रमायुक्त कुलदीप सिंह ने बाल श्रम सर्वेक्षण की प्रक्रिया, श्रम विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई तथा बाल श्रम उन्मूलन के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बाल श्रम से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान, सर्वेक्षण के लिए संस्था के चयन और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय से संबंधित बिंदुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ राजेश कुमार, विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी, प्रोबेशन से संरक्षण अधिकारी सोहन गुप्ता, प्रेम हेल्प एंड डेवलपमेंट सोसाइटी निदेशक प्रेम कुमार शाक्य, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, चाइल्ड हेल्पलाइन, स्वास्थ्य विभाग, कौशल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित जिलाधिकारी व अन्य।

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