जनता के पैसे से हों गुणवत्तापूर्ण कार्य, जलभराव का निकालें स्थायी समाधान–डीएम* कलेक्ट्रेट में नगर निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित*

करंट विज़न संवाददाता

इमरान खान

इटावा। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में स्थानीय निकायों से संबंधित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल, जल निकासी, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पार्क, एमआरएफ सेंटर और सार्वजनिक सुविधाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी धन का उपयोग केवल जनता की सुविधा और निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में आवंटित धनराशि से कराए जा रहे कार्यों का अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कार्यों का चयन प्राथमिकता के आधार पर हो और आम जनता के लिए जो कार्य सबसे अधिक जरूरी हैं, उन्हें पहले पूरा कराया जाए। जलभराव की समस्या पर सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने कहा कि केवल नालियां बनाने से समस्या हल नहीं होगी। जहां वास्तव में पानी भरता है, वहां स्थानीय लोगों से फीडबैक लेकर वैज्ञानिक तरीके से स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि बारिश में नागरिकों को परेशानी न झेलनी पड़े। प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि निकायों में लगने वाली किसी भी लाइट पर किसी व्यक्ति का नाम अंकित न हो। फैंसी लाइटों पर बेवजह बजट खर्च करने के बजाय उन स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था की जाए जहां अंधेरा है। स्वच्छता व्यवस्था पर जोर देते हुए डीएम ने कहा कि नगर व गांवों के प्रवेश द्वारों, तालाबों और खुले स्थानों पर कूड़ा डंप करना पूरी तरह बंद किया जाए। डोर-टू-डोर कलेक्शन कर कूड़े को सीधे एमआरएफ (मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर भेजा जाए और आधुनिक तकनीक से उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, वरिष्ठ कोषाधिकारी डोगरा शक्ति, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सन्तोष कुमार मिश्रा, ईओ जसवन्तनगर श्याम वचन सरोज सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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