भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षकारियों व वादकारियों के लिए पेय जल व उचित छाया इत्यादि का प्रबंध भी किया गया
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वाधान में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रजत सिंह जैन की अध्यक्षता में अपर जिला जज प्रथम अखिलेश कुमार व स्पेशल जज एससी/एसटी एक्टद्ध/नोडल अधिकारी लोक अदालत संजय कुमार चतुर्थ एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आरती द्विवेदी तथा जनपद के समस्त अधिकारियों के सतत् प्रयास से जनपद न्यायालय, इटावा व समस्त राजस्व न्यायालयों एवं समस्त प्रशासनिक विभागों के सहयोग से राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में आर्बिट्रेशन वादों सहित सकल रूप से 1,00,254 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें माननीय जनपद न्यायाधीश रजत सिंह जैन द्वारा 7, अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार द्वारा 8, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी संजय कुमार चतुर्थ द्वारा 6, विशेष न्यायाधीश द.प्र.क्षे. आलोक कुमार श्रीवास्तव 3 तथा विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट अंकुर शर्मा द्वारा 505 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री ललित नारायण झा व अतिरिक्त न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री सुबोध वाष्र्णेय द्वारा कुल 31 वैवाहिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया। कुल 12 जोडो की एक साथ विदाई करायी गयी। पीठासीन अधिकारी एमएसीटी रामचन्द्र यादव प्रथम द्वारा 154 वादों, पीठासीन अधिकारी, उपभोक्ता न्यायालय श्री गुलाब सिंह द्वारा कुल 11 वाद व अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत श्री देवेन्द्र सिंह द्वारा 3 वाद का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अश्वनी कुमार-प् व अन्य फौजदारी न्यायालयों द्वारा कुल 1382 शमनीय आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इटावा आरती द्विवेदी ने बताया कि उक्त राष्ट्रीय लोक आदलत में न्यायिक अधिकारीगण के अतिरिक्त विभिन्न विभागों व बैंको से सम्बन्धित प्री लिटिगेशन के 95,370 वाद निस्तारित किए गए जिनमे 14,28,13,638 रुपये वसूल किए गए। प्री-लिटिगेशन तथा लम्बित वादों का निस्तारण करते हुए सकल रूप से 25,47,85,755 रुपये वसूल किए गए। इस लोक अदालत में विभिन्न दूर-सुदूर क्षेत्रों से आए हुए लोगों को बैंकों के ऋण के भुगतान के संबंध में अच्छी छूट दी गई। भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षकारियों व वादकारियों के लिए पेय जल व उचित छाया इत्यादि का प्रबंध भी किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता सहित काफी संख्या में वादकारीगण उपस्थित रहे।
