करंट विजन संवाददाता
इमरान खान
जसवंतनगर (इटावा)। क्षेत्र के धनुवां गांव में आयोजित 112वें ऐतिहासिक एवं परंपरागत श्री रामलीला महोत्सव में शनिवार को रावण वध की लीला का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध होते ही पूरा मेला परिसर जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ इस धार्मिक आयोजन का आनंद लिया।
धनुवां गांव के तिवरिया स्थल पर चल रहे श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को रावण वध का मंचन किया गया। राम और रावण के बीच हुए युद्ध के रोमांचक दृश्य ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही भगवान श्रीराम ने अपने बाण से रावण का वध किया, पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी प्रेम कुमार शाक्य द्वारा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूपों को माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद लीला का मंचन आरंभ हुआ। रामलीला मंचन देखने के लिए धनुवां सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मेले में लगी दुकानों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ दिखाई दी, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
आयोजन समिति के प्रबंधक अध्यक्ष सर्वेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि धनुवां का यह ऐतिहासिक मेला 112 वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा है। यह मेला गांव की आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों, सहयोगियों और समिति के सदस्यों के सामूहिक प्रयास से ही यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है।
इस दौरान प्रधान प्रतिनिधि बबलू यादव के अलावा ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव आयोजन समिति से जुड़े शिव प्रसाद तिवारी, सुरेंद्र प्रकाश, अनुज मिश्रा, पंकज बाबू, मदन, विमल कुमार, टीटू राठौर, गुलशन, किशन त्रिपाठी, रमेश राठौर, गोपाल दुबे, कुंवर पाल, रवि, अनुज, समीर, सोने लाल, मुकेश त्रिपाठी, राज कुमार, रमेश चंद्र, महेश चंद्र, कन्हैयालाल, शिवम तिवारी, गगन और प्रशांत मिश्रा सहित अन्य ग्रामवासी उपस्थित रहे।
अंत में समिति पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए मेले को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
