रिमझिम बारिश से जनजीवन हुआ प्रभावित, लोग घरों में रहने को मजबूर

सड़क पर भरे पानी से गुजरते लोग, जिला अस्पताल में गिरा पड़ा पेड़

करंट विज़न संवाददाता

इटावा। शुक्रवार से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही। तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया। जिला अस्पताल, विकास भवन, विजय नगर चौराहा और नगर पालिका चौराहा जलभराव की चपेट में आ गये। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में रहने को मजबूर रहे। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित दिखाई दी। प्रमुख चौराहों और सरकारी कार्यालयों के आसपास पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश की रफ्तार के चलते सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम आवाजाही दिखाई दी। कई जगह लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। पिछले सप्ताह से पड़ रही तेज धूप और गर्मी से लोगों को लगातार बारिश के कारण राहत जरूर मिली है, लेकिन अब यही बारिश परेशानी का कारण बन गई है। लगातार पानी बरसने से लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से तापमान में भी तेजी से गिरावट आई है और मौसम में ठंडक बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान गिरने के साथ ही लोगों को ठंड और ठिठुरन महसूस होने लगी। प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार 27 सितंबर तक भीषण बारिश की संभावना ने जनता को मुश्किल में डाल दिया। मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है बारिश ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया, रोज कमाने-खाने वालों पर संकट के बादल छा गए। लगातार बारिश के चलते सबसे ज्यादा परेशानी रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों और सब्जी विक्रेताओं को उठानी पड़ रही है। बारिश के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या घट गई है। सब्जी विक्रेता अपनी दुकानें नहीं लगा पा रहे हैं जबकि दिहाड़ी मजदूरों को काम मिलना मुश्किल हो गया है। बारिश के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है और स्कूलों में छुट्टियां होने से बच्चे घरों में ही हैं। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने और ट्रांसफार्मर खराब होने की खबरें सामने आ रही हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से कई इलाकों में अंधेरा छा गया है और लोगों के सामने पेयजल का संकट भी गहरा गया है बिजली विभाग के अधिकारी जनता के फोन नहीं उठा रहे जिससे जनता को बिजली आपूर्ति की सही लोकेशन नहीं मिल पा रही है। वहीं जलभराव और कीचड़ ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।

शहर में बिजली आपूर्ति रही बाधित

इटावा। दो दिन से हो रही रिमझिम बारिश ने बिजली विभाग की लापरवाही की पोल खोल दी, शहर के अधिकांश मोहल्ले रात से अंधेरे में डूबे हुये हैं जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली विभाग के आला अधिकारी आराम फरमा रहे। लाइनमैनो पर पूरा विद्युत विभाग का भार थोप दिया जाता है कोई बिजली विभाग का अधिकारी ग्राउंड जीरो पर नहीं आता। सरकारी बंगले में बैठकर फरमान जारी करते हैं। शहर के अधिकांश मोहल्लों में रात से से बिजली नहीं आ रही आम जनता एक-एक बूंद पानी को लेकर परेशान है। इस संकट में बिजली विभाग के अधिकारी ग्राउंड जीरो पर नजर नही आते बरसते पानी में केवल लाइनमेन ही दिख रहे हैं। महीने में 20 बार विद्युत कटौती होती है कि आज यहां पर काम होगा कल वहां पर काम होगा तो फिर पानी जब बरसता है तो क्यों बिजली खराब हो जाती है क्यों लाइन बंद कर दी जाती हैं।

जिला अस्पताल में पेड़ टूटकर कार पर गिरा

इटावा। जिला अस्पताल के गेट नंबर दो पर मूसलाधार बारिश के चलते सालों पुराना विशाल पेड़ गिर गया जिससे बड़ा हादसा होते होते बचा।जिला अस्पताल के गेट नंबर दो पर विशाल बरगद का पेड़ अचानक टूट कर नीचे खड़ी एक गाड़ी पर गिर पड़ा। हादसे में 108/102 कार्यक्रम प्रबंधक की कार पेड़ से दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के दौरान कार में तीन लोग बैठे थे लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा क्योंकि पेड़ बोनट के ऊपर गिरा यदि बीच में गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे से जिला अस्पताल में हड़कम्प मच गया।

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