रमज़ान के अलविदा जुमे पर दिखा नमाजियों का हुजूम

करंट विज़न संवाददाता

फफूंद (औरैया) । इस साल रमजान माह में एक विशेष संयोग बना जिसमें अल्लाह की रहमत से इस साल रमज़ान माह में पांच जुमा पड़े जिसको लेकर मुस्लिम समाज में काफी खुशी देखने को मिली जबकि तीस रोजे पूरे होने और आखिरी रोजे को एक और अलविदा जुमा पढ़ने का मुस्लिम समाज को मौका मिला । कई साल बाद दो अलविदा जुमा पड़ने से लोगों में काफी खुशी का माहौल देखा गया। मुकद्दस रमज़ान माह के आखिरी जुमे को अलविदा जुमा की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई।नगर स्थित दरगाह पीर बुखारी में शहर काजी औरैया मौलाना सैयद गुलाम अब्दुस्समद चिश्ती ने जामा मस्जिद आस्ताना आलिया समदिया में कारी अय्यूब चिश्ती ने शांतिपूर्ण माहौल में अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई।नमाज के बाद अमन चैन की दुआएं मांगी गईं। वहीं नमाज से पहले उलमाओं ने जकात और ईद के बारे में जानकारी दी।आमतौर पर रमजान में चार जुमे होते हैं लेकिन इस बार महीने की अवधि और चांद के हिसाब से पांच जुमे पड़ने के कारण रमजान के आखिरी अशरे (दस दिनों) में दो जुमे पड़े हैं जिन्हें अलविदा जुमा के रूप में खास अहमियत दी गई। इस संयोग को लेकर मुस्लिम समाज में खास उत्साह और इबादत का माहौल देखने को मिला। धार्मिक जानकारों के अनुसार अलविदा जुमा रमजान के आखिरी दिनों का सबसे महत्वपूर्ण जुमा माना जाता है। इस दिन लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अदा करते हैं और अल्लाह से मगफिरत (माफी) व रहमत की दुआ करते हैं। इस बार दो अलविदा जुमा पड़ने से इबादत का महत्व और भी बढ़ गया और रोजेदारों को रब की जानिब से इबादत करने का एक और दिन मिल गया जानकारी के अनुसार पता चला कि इससे पहले भी वर्ष 2017 और 2006 में ऐसा संयोग बन चुका है, जब रमजान में पांच जुमे पड़े थे और आखिरी दस दिनों में दो जुमे आए थे। अलविदा जुमा से पूर्व नमाजियों की भीड़ को मद्देनजर रखते हुए मस्जिदों में साफ-सफाई, रोशनी और पानी की बेहतर व्यवस्था की गई थी। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है और लोग इबादत के साथ-साथ ईद की तैयारियों में भी व्यस्त नजर आए।
मौलाना आबिद चिश्ती ने बताया कि रमजान का आखिरी अशरा जहन्नुम से निजात का होता है इसलिए इन दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत, तौबा और जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो अलविदा जुमा मिलना अल्लाह की खास नेमत है जिसका फायदा उठाकर हर मुसलमान को अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए और ज्यादा से ज्यादा इबादत के और नोकिया हासिल के लेनी चाहिए। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिदों के बाहर पुलिस का पहरा रहा। ईद की नमाज़ ईदगाह में 8 बजे होगी आस्ताना आलिया समदिया मिसबाहिया के सज्जादा नशीन ने ऐलान किया है कि शनिवार को ईद की नमाज़ ईदगाह में 8 बजे और आस्ताना आलिया में 9 बजे होगी । उन्होंने सभी लोगों से ईदगाह वक़्त पर पहुंचने के लिए कहा और सभी को ईद की मुबारकबाद दी ।

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