करंट विजन संवाददाता
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं की जा सकती है। अगर अधिकारी कानून व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर सकते तो इस्तीफा दें या तबादला करवा लें। यह टिप्पणी कोर्ट ने संभल में रमजान के दौरान नमाज रोके के जाने के मामले में की।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य का कर्तव्य है कि वो यह सुनिश्चित करे कि हर हाल में कानून का राज कायम रहे। यदि स्थानीय अधिकारियों और अफसरों को लगता है कि कानून-व्यवस्था की ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है, जिसके कारण वे परिसर के अंदर पूजा करने वालों की संख्या सीमित करना चाहते हैं, तो उन्हें या तो अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या संभल से कहीं और तबादला करवा लेना चाहिए। राज्य का कर्तव्य है कि वो यह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सके।
