शावेज़ नक़वी
इटावा। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल ने कहा कि इटावा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए दो नए प्लेटफार्म बनाए जाएंगे तथा अन्य निर्माण कार्य भी अगले एक से डेढ़ वर्ष में पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। इटावा जंक्शन को बेहतर सुविधाओं वाला स्टेशन बनाने में कोई ढिलाई न बरती जाए। इटावा जंक्शन रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने कहा इटावा जंक्शन पर करीब चालीस साल बाद प्लेटफार्मों की संख्या बढ़ने जा रही है। बढ़ती ट्रेनों और यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नए प्लेटफार्म लगभग 600 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े बनाए जाएंगे, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में भी आसानी हो सकेगा। सर्वे का काम पूरा हो चुका है और निर्माण की ड्राइंग भी तैयार कर ली गई है। डीआरएम सबसे पहले उन रेल लाइनों के बीच पहुंचे जहां प्लेटफार्मों का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि निर्माण के दौरान किन विभागों के कार्यालयों को हटाना पड़ेगा और इसके लिए क्या व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने उन्हें पूरी योजना की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने 12 मीटर चौड़े निर्माणाधीन नए फुट ओवर ब्रिज का भी जायजा लिया। उन्होंने काम की गति और गुणवत्ता की जानकारी ली और निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य में कोई कमी न रहे। इसके बाद वह सेकंड एंट्री स्थल पर पहुंचे और वहां बचे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि मार्च तक सेकंड एंट्री का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि यात्रियों को स्टेशन पर प्रवेश और निकास में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि स्टेशन के सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने कहा कि इटावा जंक्शन को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। दो नए प्लेटफार्म बनने से ट्रेनों के संचालन में सुगमता आएगी और यात्रियों को भीड़ से राहत मिलेगी। सेकंड एंट्री बनने से स्टेशन पर आने और जाने का दबाव कम होगा। इस दौरान सीनियर डीईएन थर्ड प्रयागराज अंकित गुप्ता, डिप्टी सीटीएम टूंडला अमित आनंद, स्थानीय रेलवे अधिकारी और गति शक्ति यूनिट के अधिकारी भी मौजूद रहे। रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते डीआरएम रजनीश अग्रवाल।
