करंट विज़न संवाददाता
दिबियापुर। एनटीपीसी में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के मार्गदर्शन में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के सहयोग से युद्ध अथवा किसी भी आपातकालीन/संकट की स्थिति से निपटने के लिए किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सूचना मिलते ही एनटीपीसी में इमरजेंसी साइरन बजा दिया गया। कुछ ही मिनटों के भीतर घटनास्थल पर आग बुझाने वाली गाड़ियां पहुंच गईं। शीघ्र ही गेल से भी दमकल की गाड़ियों ने पहुंचकर आग बुझाने का कार्य प्रारंभ कर दिया। पानी और फोम का प्रयोग कर आग पर नियंत्रण पाया गया। इस दौरान कुछ व्यक्ति घायल हुए, जिन्हें तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।इस मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, एनटीपीसी, गेल इंडिया लिमिटेड और म्यूचुअल एंड पार्टनर के सैकड़ों कर्मियों ने भाग लिया। ब्लैकआउट का सायरन बजते ही नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों और वार्डनों ने अपनी-अपनी चौकियों पर मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी स्थान से प्रकाश की किरण बाहर न दिखाई दे। स्वयंसेवकों द्वारा गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर गश्त कर नागरिकों को घरों के भीतर रहने, लाइटें बंद रखने, अफवाहों से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। आमजन को यह भी बताया गया कि ब्लैकआउट का उद्देश्य केवल लाइट बंद करना नहीं, बल्कि शत्रु विमानों अथवा मिसाइलों के लिए लक्ष्य की पहचान को असंभव बनाना होता है।मॉक ड्रिल के उपरांत विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए और बेहतर कार्य किए जाने हेतु सुझाव दिए गए। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल मंत्र निष्काम सेवा है तथा आधुनिक समय में शहरों की सुरक्षा भी सीमाओं जितनी ही महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे कार्यों में आपसी समन्वय का महत्व बढ़ जाता है, जिसका परिणाम भी बेहतर होता है। मॉक ड्रिल में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अविनाश चंद्र मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक नीरज प्रसाद, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार सहित गेल इंडिया लिमिटेड पाता और एनटीपीसी दिबियापुर के अधिकारी/कर्मचारी तथा संबंधित पुलिसकर्मी आदि मौजूद रहे।
