अल्लाह ने शहजादी फातिमा ज़हरा को बहुत बड़ा मर्तबा दिया – मौलाना नज़र अब्बास

रिटायर्ड शिक्षिका स्व. लईक़ा ख़ातून के चालीसवें पर हुई मजलिस

करंट विज़न संवाददाता

इटावा। रिटायर्ड शिक्षिका स्व. लईक़ा ख़ातून निवासी घटिया अज़मत अली के चेहलुम की मजलिस का आयोजन जुबैर हुसैन रिज़वी की ओर से पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में किया व्य मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना नज़र अब्बास जैदी सैथल ने कहा रसूल अपनी बेटी शहजादी फातिमा ज़हरा के सम्मान में खड़े हो जाते थे। हर वो इंसान सम्मान के लायक है जिसने नबी की बेटी का सम्मान किया। हम नबी के उन सहाबियों का सम्मान करते हैं जिन्होंने नबी की बेटी का सम्मान किया। उन्होंने कहा इंसान का वजूद अल्लाह की अमानत है, जो दुनिया मे आता है पलटकर अल्लाह के पास जाता है। हर इंसान को मौत का मजा चखना है। कुरान में मौत का जिक्र है लेकिन जायके का नही है। कर्बला में इमाम हसन के बेटे हजरत कासिम ने मौत का जायका बताते हुए कहा मौत मेरे लिए शहद से भी ज्यादा मीठी है। मौलाना नजर अब्बास ने कहा अल्लाह ने शहजादी फातिमा ज़हरा को बहुत बड़ा मर्तबा दिया। जब शहजादी जालिम बादशाह के दरबार मे अपना हक लेने गईं तो उन्हें उनका हक भी नहीं दिया गया। मजलिस में जाफ़र ईरानी, जहूर नक़वी, सफीर हैदर ने सोजख्वानी और अली मेहदी, जाफ़र ईरानी, सलमान रिज़वी, तालिब रिज़वी ने पेशख़्वानी की। मजलिस में मौलाना अनवारुल हसन जैदी, अल्हाज कमर अब्बास नक़वी करबलाई, हाजी अरशद मरगूब, नजमुल हसन, मुशीर हुसैन आबाद, तहाव्वर हुसैन, जीशान हुसैन, शावेज़ नक़वी, मुशीर हैदर, आदिल अख्तर गुड्डू, इमरान वारसी, तनवीर हसन, अदनान जाफरी, आतिफ़ एड., शब्बर अक़ील, सोनू नक़वी, शारिक सगीर शानू, सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना नज़र अब्बास जैदी।

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