इटावा में पिता की हत्या का खुलासा, नाबालिग बेटी और उसका प्रेमी गिरफ्तार

करंट विज़न संवाददाता

इमरान खान

पुलिस ने कुछ ही घंटों में सुलझाई हत्या की गुत्थी, सिलबट्टा, चाकू और रक्तरंजित कपड़े बरामद

इटावा, 26 अक्टूबर 2026। जनपद इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हुई हत्या की घटना का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा करने का दावा किया है। मामले में पुलिस ने मृतक की नाबालिग बेटी और उसके कथित प्रेमी अभिलाष सिंह उर्फ छोटू उर्फ माचो को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त सिल का बट्टा, एक चाकू और रक्तरंजित कपड़े बरामद किए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 को काजल पत्नी अजय कठेरिया, निवासी ग्राम भीकनपुर, थाना जसवंतनगर, इटावा ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता श्यामसुन्दर कठेरिया और बहन पूजा काशीराम कॉलोनी स्थित टीबीटी अस्पताल के पास रहते थे। पिछले दो-तीन दिनों से दोनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था।

इसके बाद जब वह अपने ससुर के साथ संबंधित कमरे पर पहुंचीं, तो उनके पिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जबकि उनकी बहन पूजा वहां मौजूद नहीं थी।

शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा अपराध संख्या 181/2026, धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस और थाना सिविल लाइन पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुटीं। 26 अक्टूबर को ग्वालियर तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि घटना में कथित रूप से शामिल आरोपी ग्राम सराय एसर में मौजूद है।

सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ग्राम सराय एसर के चेक रोड के पास से नाबालिग बालिका और उसके कथित प्रेमी अभिलाष सिंह उर्फ छोटू उर्फ माचो को हिरासत में लिया।

पूछताछ में सामने आई हत्या की वजह

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे, जिसका मृतक विरोध करता था। इसी विवाद के चलते हत्या की योजना बनाई गई।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मृतक को चाय में नींद की गोली देकर सुलाया, फिर चारपाई से बांधकर सिलबट्टे से हमला किया। इसके बाद शव को कंबल में लपेटकर बक्से में छिपा दिया गया। पुलिस का यह भी कहना है कि मृतक का मोबाइल फोन साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से नाले में फेंक दिया गया।

पुलिस ने मामले में आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। नाबालिग आरोपी की पहचान गोपनीय रखते हुए उसके संबंध में किशोर न्याय कानून के अनुरूप प्रक्रिया अपनाया जाना आवश्यक है।

नोट: मामले में आरोप पुलिस की जांच और पूछताछ पर आधारित हैं। आरोपियों का दोष न्यायालय द्वारा निर्धारित किया जाना शेष है।

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