जो कुरान और एहलैबैत का दामन थाम लेगा फायदे में रहेगा
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। स्थानीय पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में अंजुमन हैदरी के सेकेट्री स्व. राहत हुसैन रिज़वी की तिमाही पर आसिफ रिज़वी, काशिब रिज़वी की ओर से मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में तक़रीर करते हुए जनपद फर्रुखाबाद से आये मौलाना सदाकत हुसैन ने कहा रसूल ने फरमाया कि हम कुरान और एहलैबैत को छोड़कर जा रहा हूं। जो इनका दामन थाम लेगा फायदे में रहेगा। रसूल ने यह भी फरमाया कि मैं इल्म का शहर हूं और अली उसका दरवाजा हैं। मौलाना सदाकत कुरान को अपना साथी बना लो शिफा जरूर मिलेगी कुरान ने गारंटी दी है। इंसान अगर कुरान, नमाज और एहलैबैत का सहारा ले तो उसकी तमाम परेशानियां दूर हो जाएंगी। दुरूद पढ़ने वालों को अल्लाह जन्नत में जगह देगा। उन्होंने कहा कि दुनिया की यूनिवरसिटी में दाखिले के लिए पाबंदी होती हैं लेकिन इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनकी बहिन जनाबे जैनब ने मजलिस के रूप में जो यूनिवर्सिटी कायम की है उसमें दाखिले के लिए कोई पाबंदी नहीं है, मजलिसों में हर धर्म मजहब के लोग आते हैं। मजलिस में तसलीम रज़ा, जहूर नक़वी ने सोजख्वानी की और जाफ़र ईरानी, अश्शू रिज़वी, सलमान रिज़वी, आबिद रज़ा ने पेशख़्वानी की। मजलिस में अल्हाज कमर अब्बास नकवी करबलाई, हाजी अरशद मरगूब, राहत अक़ील, शावेज़ नक़वी, तनवीर हसन, लारैब नक़वी, सफीर हैदर, अख्तर अब्बास रिज़वी, तहसीन रज़ा, ताबिश रिज़वी, आले रज़ा नक़वी, आरिफ रिज़वी, शारिक सगीर शानू, जैगम अब्बास एड., अमीर हैदर, शब्बर अक़ील, अदनान जाफरी, सोनू नक़वी, शादाब हसन सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मजलिस में तक़रीर करते मौलाना सदाकत हुसैन।
