कलेक्ट्रेट में हुई जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

 बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल

करंट विज़न संवाददाता

इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अंतर्गत जनपद में हस्ताक्षरित 195 एमओयू की समीक्षा की गई। इन एमओयू के माध्यम से लगभग 2,346.22 करोड़ के निवेश के सापेक्ष 7,598 रोजगार सृजन प्रस्तावित हैं। वर्तमान में 121 इकाइयों को जीबीसी रेडी किया जा चुका है तथा 97 इकाइयों द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। जिलाधिकारी महोदय ने शेष जीबीसी रेडी इकाइयों में भी शीघ्र वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कराने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनपद की वर्तमान सीएम डैशबोर्ड ग्रेडिंग बी है। जीबीसी -5 के अंतर्गत निर्धारित 500 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 483 करोड़, अर्थात 96.6 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जा चुकी है। सत्यापन के बाद 5 अतिरिक्त इकाइयों द्वारा भी उत्पादन प्रारंभ किया गया है, जिससे वर्तमान में 102 इकाइयों द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया जा चुका है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को उद्योग/इकाई स्थापना के लिए बैंक के माध्यम से 5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के अंतर्गत वर्तमान में बैंक स्तर पर लगभग 362 प्रकरण लंबित है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद का वार्षिक लक्ष्य 2,320 निर्धारित है। बैंकों को 1,296 आवेदन प्रेषित, 519 आवेदन स्वीकृत तथा 513 प्रकरणों में ऋण वितरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने बैंकों को लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करते हुए पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद के लिए ₹168 लाख का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष 108 आवेदन प्रेषित, 46 बैंक को प्रेषित आवेदन, 19 प्रकरणों में ऋण वितरण तथा 30.69 लाख का ऋण वितरण दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी।ने बैंक अधिकारियों को पात्र प्रकरणों में शीघ्र ऋण स्वीकृत एवं वितरित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं बैंकर्स को निर्देशित किया कि सरकार की प्राथमिकता वाली स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं में पात्र लाभार्थियों के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। डीएम ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक व्यंजन योजना, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की भी समीक्षा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा, एलडीएम सतीश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सन्तोष कुमार मिश्रा, सहित संबंधित विभागों अधिकारी एवं बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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