मीडिया से वार्ता करते केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के गृह क्षेत्र सैफई पहुंचे। यहां हवाई पट्टी पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव को अपना व्यक्तिगत मित्र और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताया। 2027 में सपा की सरकार बनने के अखिलेश यादव के दावे पर पलटवार करते हुए रिजिजू ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का भरोसा जताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह संकिसा के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए वहां जा रहे हैं। बौद्ध मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध अपनी माता और देवताओं के साथ देवलोक से यहां उतरे थे। सम्राट अशोक ने भी इस स्थल पर स्तंभ स्थापित कराया था। उन्होंने कहा कि संकिसा और आसपास के क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन एवं आस्था केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इस दिशा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ बातचीत की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार के कारण विपक्ष के नेता हताशा में विवादित बयान दे रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि भाजपा ने भी करीब 50 वर्ष विपक्ष में बिताए, लेकिन पार्टी ने अपना संतुलन नहीं खोया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने मेहनत और जनता के बीच काम करके सफलता हासिल की है। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत देते हुए कहा कि जनता के बीच रहकर काम करने से विश्वास हासिल होता है। केवल विदेश यात्राओं और कभी-कभार विवादित बयान देने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। राहुल गांधी के रामलला के दर्शन करने और व्यापारियों को होने वाली परेशानियों से जुड़े सवाल पर रिजिजू ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर जाना हर व्यक्ति का अधिकार है। हालांकि, इसके कारण आम लोगों की जिंदगी और कारोबार प्रभावित नहीं होने चाहिए। विरोध के नाम पर तोड़फोड़ और हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है और उत्तर प्रदेश का हित मजबूत भाजपा सरकार में सुरक्षित है। साथ ही उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन के दावों पर भी सवाल उठाए।
