करंट विज़न संवाददाता
औरैया ।उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम सभाओं की रिक्त भूमि को पात्र अनुसूचित जाति एवं जनजाति (एससी/एसटी) परिवारों को आवंटित करने के निर्देश जारी किए हैं। इन जमीनों का उपयोग आवासीय और कृषि दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकेगा। राजस्व अनुभाग-2, लखनऊ द्वारा जारी एक पत्र के माध्यम से ये निर्देश दिए गए हैं।यह पहल अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग, उत्तर प्रदेश की सदस्य नीरज गौतम द्वारा की गई थी। उन्होंने 05 मई 2025 को मुख्यमंत्री से भेंट कर इस संबंध में एक पत्र प्रस्तुत किया था। पत्र में अनुरोध किया गया था कि प्रदेश की सभी ग्राम सभाओं में सुरक्षित श्रेणी की भूमि को छोड़कर उपलब्ध रिक्त जमीनों का सर्वेक्षण कर पात्र एससी/एसटी परिवारों को आवासीय पट्टा एवं कृषि भूमि के रूप में आवंटन सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया। इसके बाद, संयुक्त सचिव आर.पी. सिंह की ओर से आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को संबोधित एक पत्र जारी किया गया। इस पत्र में नीरज गौतम के अनुरोध पत्र की छायाप्रति संलग्न करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई के निर्देश दिए शासन ने स्पष्ट किया है कि पत्र में उल्लिखित बिंदुओं का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, की गई कार्रवाई की आख्या शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
