नबी शाह हज़रत रहमतुल्लाह अलैहि का उर्स अकीदत व शान से मनाया गया

दरगाह से मिला मोहब्बत, अमन और इंसानियत का पैग़ाम, सैकड़ों अकीदतमंद हुए शामिल

फतेहपुर। नगर खखरेरू में रजब माह के चाँद के साथ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नबी शाह हज़रत रहमतुल्लाह अलैहि का उर्स पूरी अकीदत, एहतराम और रूहानियत के माहौल में मनाया गया। करीब 70 वर्षों से चली आ रही इस पाक परंपरा के तहत आयोजित उर्स में सैकड़ों अकीदतमंदों ने शिरकत कर दरगाह पर हाज़िरी लगाई और अमन, शांति व खुशहाली की दुआएँ मांगीं।दरगाह नबी शाह हज़रत रहमतुल्लाह अलैहि का मक़सद हमेशा से समाज को मोहब्बत, भाईचारे, आपसी सौहार्द और इंसानियत का रास्ता दिखाना रहा है। यह दरगाह बिना किसी भेदभाव के हर मज़हब और तबके के लोगों को एकता के सूत्र में बांधने का संदेश देती रही है। उर्स के मौके पर भी यही पैग़ाम दिया गया कि नफरत नहीं, बल्कि प्रेम और इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। उर्स की शुरुआत अफलातून भाई के आवास से गागर निकालकर दरगाह शरीफ तक की गई, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। दरगाह परिसर में सूफियाना क़व्वाली का आयोजन हुआ, जहाँ कलाम के जरिए अल्लाह और रसूल की मोहब्बत के साथ-साथ अमन व शांति का संदेश दिया गया। क़व्वाली सुनने के लिए देर रात तक अकीदतमंदों का हुजूम लगा रहा।उर्स का आयोजन अध्यक्ष मुमताज़ खान की अगुवाई में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष मुस्ताक खान, युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष उवैस खान, पूर्व सभासद प्रत्याशी तनवीर आलम सिद्दीकी उर्फ आलम भाई, परवेज आलम,नियामत उल्ला, नईम अहमद,वसीम खान,अरस्तू भाई,अंसार कुरैशी, हसनैन आलम, समाजवादी अल्पसंख्यक विधानसभा अध्यक्ष खागा आशिफ खान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।उर्स में पहुंचे अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर अपनी मुरादें मांगीं और देश में अमन-चैन कायम रहने की दुआ की। आयोजकों ने कहा कि यह दरगाह और उर्स आने वाली नस्लों को भी मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम देता रहेगा।

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