यहाँ की गलियां जलभराव और कीचड़ के कारण नालों और तालाबों में तब्दील हो चुकी हैं
करंट विज़न संवाददाता
सरकार भले ही गांवों को स्मार्ट बनाने और स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन ताखा क्षेत्र के भगवंतपुर पश्चिम गांव की हकीकत इन दावों को आईना दिखा रही है। यहाँ की गलियां जलभराव और कीचड़ के कारण नालों और तालाबों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की गलियों की हालत बद से बदतर हो गई है। आलम यह है कि बुजुर्गों और बच्चों को कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे हर समय हादसे और बीमारी का डर बना रहता है। इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान के नाम पर अब तक न तो गलियों में मिट्टी डलवाई गई और न ही उन्हें पक्का कराया गया। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब वे प्रधान के पास समस्या लेकर जाते हैं, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि “तुमने हमें वोट नहीं दिया, जिससे वोट दिया है उसी से गली बनवा लो।” चुनावी वादों और जमीनी हकीकत के इस अंतर ने ग्रामीणों में भारी रोष पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाले प्रतिनिधि जीतने के बाद केवल अपनी तिजोरी भरने में लग जाते हैं और विकास सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाता है। विधायक प्रतिनिधि से भी नहीं मिली राहत समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने सपा विधायक प्रतिनिधि/ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि चीनी यादव उर्फ ध्रुव यादव से भी मुलाकात की, लेकिन वहां से भी उन्हें केवल निराशा ही हाथ लगी। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की इस अनदेखी से पीड़ित जिलेदार, सरमन कुमार, वीरेंद्र, रावेन्द्र, रामविलास, अजय और राजू आदि ग्रामीणों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
