करंट विजन संवाददाता
फफूंद(औरैया)।भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले का जन्मोत्सव रविवार को फफूँद में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। वक्ताओं ने महिलाओं की शिक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उनके संघर्ष को याद किया। समाजसेवी एवं राष्ट्रीय कोरी कोली समाज जागृत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बेचेलाल कोरी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने सती प्रथा, बाल विवाह और दासी प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाकर महिला मुक्ति आंदोलन को नई दिशा दी। सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख जैसी संघर्षशील महिलाओं के बिना यह आंदोलन सफल नहीं हो सकता था। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता था तब सावित्रीबाई फुले ने समाज के विरोध अपमान और अत्याचार सहते हुए बालिकाओं के लिए विद्यालय खोले और उन्होंने बच्चों को शिक्षित कर अज्ञानता और पाखंड को दूर करने का आह्वान किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष पातीराम कोरी,सुधीर कुमार कोरी, डॉ. शिवाजी, जिलाध्यक्ष रामवती, पूर्व सभासद कमला देवी, गौरीशंकर कोरी, चंद्रशेखर कोरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे ।
